रोहतक में मंदिर का निर्माण रोकने पहुंचे पुलिसकर्मियों को घेरा:जेल में बंद करने की धमकी देने पर नोकझोंक; DJP-IG का नाम लिया तो उल्टे पैर लौटे
- Admin Admin
- Jan 20, 2026
हरियाणा में रोहतक में मंदिर से जुड़ा निर्माण रोकने पहुंचे पुलिसकर्मियों को ग्रामीणों ने घेर लिया। तीखी नोकझोंक हुई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुलिस कर्मी बिना कागजात के पहुंचे थे। उन्हें जिला पार्षद ने फोन करके भेजा था। यह भी आरोप है कि पुलिस कर्मियों ने आते ही ग्रामीणों को धमकाया कि काम बंद करो, नहीं तो जेल में बंद कर देंगे। मौके पर कई महिलाएं भी मौजूद थी, वे भी विरोध में उतर आई। इससे हंगामा खड़ा हो गया। ग्रामीणों का कहना था कि जिस जमीन पर काम कर रहे हैं, वह पंचायत की है। पुलिसकर्मी के पास कोई स्टे या निर्माण रोकने का कागज नहीं था। इसलिए पुलिस को इस मामले में पड़ने का अधिकार नहीं है। काफी देर तक हंगामा चलता रहा। सूचना देकर सरपंच प्रतिनिधि को मौके पर बुलाया गया। जब डीजीपी और आईजी से शिकायत करने की बात कई तो पुलिस कर्मी वहां से लौट गए। उधर, इस मामले की शिकायत डीजीपी से की गई है, जिसमें जिला पार्षद और चौकी इंचार्ज से जान का खतरा जताया गया है। जिसके बाद पुलिसकर्मी वापस लौट गए। गांव खरावड़ निवासी अमित कुमार ने बताया कि गांव में उसके पूर्वजों की जमीन पर 100 साल पहले मंदिर बनाया था। वह अपनी जमीन पर काम कर रहे थे। इसी दौरान खरावड़ चौकी इंचार्ज सब इंस्पेक्टर परमजीत अपने दो पुलिसकर्मियों के साथ पहुंचा और सभी को काम बंद करने व जेल में बंद करने की धमकी दी। अमित कुमार ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी परमजीत ने कहा कि पुलिस फोर्स व लेडीज पुलिस बुलाकर सभी को अंदर कर देंगे। जिस जमीन पर काम कर रहे हैं, वह पंचायत की है। इसलिए इस जमीन पर कब्जा नहीं होने देंगे। लेकिन पुलिसकर्मी के पास कोई स्टे या निर्माण रोकने का कागज नहीं था। जिला पार्षद ने पुलिस को किया था फोन अमित कुमार ने आरोप लगाया कि जिला पार्षद धीरज मलिक ने पुलिस को फोन करके भेजा था और पुलिसकर्मी भी बिना किसी जांच के काम को रुकवाने पहुंच गए। जबकि उनके पास जमीन का कागज भी है। जिस जमीन पर मंदिर बना है, वह उनके पूर्वजों ने ही अपनी जमीन पर बनाया था। फिर किस आधार पर पुलिस काम को रुकवाने पहुंची। सरपंच प्रतिनिधि ने पुलिसकर्मी को समझाया हंगामे के दौरान सरपंच प्रतिनिधि मौके पर पहुंचा और कहा कि यह जमीन लाल डोरे आबादी के अंदर है। इसकी कोई मसावी नहीं है। एसआई परमजीत को सरपंच प्रतिनिधि ने बताया कि ग्राम पंचायत को इनके शिव मंदिर की जमीन पर कार्य करने से कोई एतराज नहीं है। जिसके बाद चौकी इंचार्ज परमजीत दोनों पुलिस वालों के साथ वापस लौट गया। सिविल कार्य में पुलिस को रोकने का नहीं अधिकार अमित कुमार ने कहा कि यह मामला सिविल है और इसमें पुलिस को रोकने का कोई अधिकार नहीं है। उनकी दादा लाही शिव मंदिर की जमीन है, जिस पर वह काम कर रहे हैं। केवल जिला पार्षद के कहने पर पुलिस का आकर धमकी देना सही नहीं है। डीजीपी को पत्र लिखकर पुलिसकर्मी की शिकायत अमित ने डीजीपी अजय सिंघल के नाम पत्र लिखते हुए शिकायत की कि गांव खरावड़ के जिला पार्षद धीरज मलिक व चौकी इंचार्ज परमजीत जमीन को जबरदस्ती अपनी पावर का गलत इस्तेमाल करके कब्जा करना चाहते है। जिला पार्षद व चौकी इंचार्ज परमजीत से उन्हें जान माल का खतरा है। उन्हें आशंका है कि पुलिसकर्मी उन्हें व उनके परिवार को झूठे केस में फंसा सकते हैं। इस मामले में उचित कार्रवाई की जाए।



