अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का किया खुलासा : 1100 करोड़ की ठगी में शामिल छह आरोपित गिरफ्तार
- Admin Admin
- Jan 20, 2026
जोधपुर, 20 जनवरी (हि.स.)। जोधपुर कमिश्नरेट पुलिस ने मंगलवार को एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 1100 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी में शामिल 6 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह भारत में फर्जी तरीके से जारी सिम कार्ड को मलेशिया के जरिए कंबोडिया भेजकर वहां से इन्वेस्टमेंट और ट्रेडिंग स्कैम को अंजाम दे रहा था।
पुलिस आयुक्त ओमप्रकाश ने बताया कि बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए विशेष तकनीकी विश्लेषण किया गया। जांच में सामने आया कि कई व्हाट्सऐप नंबर कंबोडिया से ऑपरेट हो रहे थे, जबकि सिम भारतीय नागरिकों के नाम पर जारी थीं। रिवर्स ट्रेल विश्लेषण में करीब 2.30 लाख सिम का डेटा सामने आया, जिनमें से 36 हजार सिम कंबोडिया में एक्टिव पाई गई। इनमें से 5,300 सिम के जरिए देश के विभिन्न राज्यों में करीब 1100 करोड़ रुपये की साइबर ठगी की गई।
जांच में सामने आया कि सिम विक्रेता ग्राहकों को फिंगरप्रिंट और फोटो स्कैनिंग में त्रुटि का बहाना बनाकर एक अतिरिक्त सिम गुपचुप तरीके से अपने पास रख लेते थे। इन फर्जी सिमों को गिरोह के सदस्य आगे मलेशियाई नागरिकों को उपलब्ध कराते थे, जो इन्हें कंबोडिया स्थित साइबर ठग कॉल सेंटरों में इस्तेमाल करते थे।
इस मामले में गिरफ्तार आरोपितों में हेमन्त पंवार और रामावतार राठी (नागौर), हरीश मालाकार (किशनगढ़ अजमेर), मोहम्मद शरीफ व प्रकाश भील (जोधपुर) तथा संदीप भट्ट (लुधियाना, पंजाब) शामिल हैं। पुलिस ने विदेशी मलेशियाई नागरिकों के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (एलओसी) जारी कर दिया है।
पुलिस आयुक्तालय स्तर पर एक विशेष एसआईटी का गठन किया जा रहा है। साथ ही, कंबोडिया में एक्टिव करीब 5,000 फर्जी सिम और उनसे जुड़े व्हाट्सऐप अकाउंट को बंद कराने की कार्रवाई की जाएगी। भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र के सहयोग से देश और विदेश में सक्रिय साइबर ठग गिरोहों के खिलाफ विशेष अभियान भी चलाया जाएगा।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश



