साइबर अपराधों पर लगाम के लिए फर्स्ट रिस्पॉन्स सबसे अहम: डीजीपी शर्मा

जयपुर, 11 जनवरी (हि.स.)। साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए फर्स्ट रिस्पॉन्स की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। यह बात पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने पुलिस मुख्यालय में आयोजित 1930 साइबर क्राइम हेल्पलाइन ऑपरेटर्स की दो दिवसीय फर्स्ट रिस्पॉन्डर्स वर्कशॉप के समापन पर कही। कार्यशाला का आयोजन राजस्थान पुलिस और साइबरपीस के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।डीजीपी शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशा के अनुरूप राजस्थान में जल्द ही भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र की तर्ज पर राजस्थान साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर स्थापित किया जाएगा, जिसे साइबर अपराध नियंत्रण के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा।उन्होंने कहा कि साइबर अपराध की शिकायतों पर त्वरित और संवेदनशील प्रतिक्रिया से ही पीड़ितों की राशि समय रहते फ्रीज करवाई जा सकती है। ऑपरेटर्स को तकनीकी रूप से अपडेट रहकर फर्स्ट रिस्पॉन्डर की भूमिका निभानी होगी।कार्यशाला में गोल्डन ऑवर, साइबर वित्तीय धोखाधड़ी, फिशिंग, इन्वेस्टमेंट स्कैम सहित बदलते अपराध पैटर्न पर प्रशिक्षण दिया गया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को डीजीपी राजीव शर्मा और एडीजी साइबर क्राइम विजय कुमार सिंह ने सम्मानित किया। कार्यशाला के उद्देश्य पर डीआईजी व एसपी साइबर क्राइम शांतनु सिंह ने प्रकाश डाला।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश