चंडीगढ़ में हाईकोर्ट के विस्तार को रफ्तार:प्रशासन ने कंसल्टेंट को जारी किया लेटर ऑफ इंटेंट, मौजूदा इमारत जरूरतों से कम
- Admin Admin
- Jan 16, 2026
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के विस्तार को लेकर लंबे समय से चल रहा मामला अब आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है। चंडीगढ़ प्रशासन ने हाईकोर्ट के विस्तार से जुड़े काम के लिए चुने गए कंसल्टेंट को लेटर ऑफ इंटेंट जारी कर दिया है। कंसल्टेंट अब हेरिटेज इम्पैक्ट असेसमेंट और विस्तार से जुड़ा एक विस्तृत कॉन्सेप्ट नोट तैयार करेगा। इसे देखते हुए हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई रविवार, 18 जनवरी को तय की है। यह सुनवाई मुख्य न्यायाधीश के कैंप कार्यालय में होगी। मामला मुख्य न्यायाधीश शील नागू की अध्यक्षता वाली पीठ के सामने चल रहा है। मौजूदा इमारत जरूरतों को पूरा नहीं कर पा रही सुनवाई के दौरान कोर्ट ने साफ कहा कि हाईकोर्ट का मौजूदा ढांचा अब जरूरतों के हिसाब से पर्याप्त नहीं है। इससे अदालत के कामकाज पर असर पड़ रहा है। कोर्ट ने बताया कि हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 85 है, लेकिन इस समय केवल 69 कोर्ट रूम ही मौजूद हैं। कोर्ट रूम कम होने की वजह से हाईकोर्ट अपनी पूरी क्षमता से काम नहीं कर पा रहा। चीफ जस्टिस पहले भी इस स्थिति पर चिंता जता चुके हैं। उन्होंने यूटी प्रशासन से कहा था कि व्यावहारिक तरीका अपनाया जाए और सीमित स्तर पर ही सही, लेकिन विस्तार की अनुमति दी जाए। प्रशासन के प्रयासों की तारीफ सुनवाई की शुरुआत में मुख्य न्यायाधीश ने यूटी प्रशासन के वरिष्ठ स्थायी एडवोकेट अमित झांजी के प्रयासों की सराहना की। अमित झांजी ने कोर्ट को बताया कि कंसल्टेंट को लेटर ऑफ इंटेंट जारी कर दिया गया है और अब उसकी रिपोर्ट का इंतजार है। कोर्ट को बताया गया कि कंसल्टेंट हाईकोर्ट के विस्तार से जुड़ा हेरिटेज इम्पैक्ट असेसमेंट करेगा और साथ ही एक पूरा कॉन्सेप्ट नोट तैयार करेगा। यह रिपोर्ट कोर्ट के सामने रखी जाएगी। इसके बाद इस प्रस्ताव को पहले चंडीगढ़ हेरिटेज कंजर्वेशन कमेटी के पास भेजा जाएगा। वहां से मंजूरी मिलने के बाद प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जाएगा और फिर संबंधित राज्यों तक पहुंचेगा। कोर्ट ने यह भी रिकार्ड पर लिया कि 14 जनवरी को कंसल्टेंट को लेटर ऑफ इंटेंट जारी किया गया है। इसी प्रगति को देखते हुए अगली सुनवाई 18 जनवरी को तय की गई है। 5 दिसंबर के आदेश के बाद बढ़ी रफ्तार यह पूरा मामला हाईकोर्ट के 5 दिसंबर 2025 के आदेश से जुड़ा है। उस आदेश में कोर्ट ने हाईकोर्ट के विस्तार के मुद्दे को “अत्यंत गंभीर” बताते हुए ठोस कदम उठाने की जरूरत बताई थी। अब लेटर ऑफ इंटेंट जारी होने के बाद उम्मीद है कि हाईकोर्ट के विस्तार की प्रक्रिया जल्द आगे बढ़ेगी।



