चंडीगढ़ पैरी हत्याकांड, शूटर प्रोडक्शन वारंट लाए:दिल्ली की तिहाड़ और अंबाला जेल से पेशी, कोर्ट से मिला 7 दिन का पुलिस रिमांड

चंडीगढ़ सेक्टर-26 में एक दिसंबर 2025 को हुए इंद्रजीत सिंह उर्फ पैरी हत्याकांड की जांच में चंडीगढ़ पुलिस मामले में शामिल शूटरों और उनके सहयोगियों को दिल्ली की तिहाड़ जेल और अंबाला जेल से प्रोडक्शन वारंट पर चंडीगढ़ लाया गया। सभी आरोपियों को जिला अदालत में पेश किया गया, जहां से पुलिस को सात दिन का रिमांड मंजूर किया गया है। रिमांड के दौरान पुलिस हत्याकांड से जुड़े हर पहलू की गहनता से जांच करेगी और अहम सबूत जुटाएगी। पुलिस के अनुसार प्रोडक्शन वारंट पर पंचकुला निवासी पीयूष पिपलानी, अमृतसर निवासी कुंवर बीर, फरीदकोट निवासी गोपाल और शिवम को चंडीगढ़ लाया गया है। पुलिस ने बताया कि पंचकुला निवासी अंकुश, नारायणगढ़ निवासी लवप्रीत सिंह और तरनतारन निवासी संतोख उर्फ कपिल खत्री का प्रोडक्शन वारंट अभी नहीं मिल पाया है। इन्हें भी जल्द चंडीगढ़ लाकर पूछताछ की जाएगी। कौन था शूटर, किसने चलाई कार पुलिस जांच में सामने आया है कि पीयूष पिपलानी और अंकुश इस हत्याकांड के मुख्य शूटर थे। वहीं कुंवर बीर ने हत्या में इस्तेमाल की गई कार चलाई थी। अन्य आरोपियों पर गिरोह के लिए लॉजिस्टिक सपोर्ट देने, हथियार, वाहन, मोबाइल फोन और सिम कार्ड उपलब्ध कराने, शूटरों को पनाह देने और आगे की आपराधिक वारदात की योजना बनाने के आरोप हैं। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आरोपियों की गिरफ्तारी के दौरान चार पिस्टल बरामद की थीं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक सभी आरोपी गैंगस्टर लारेंस बिश्नोई के करीबी सहयोगी हैरी बाक्सर और आरजू बिश्नोई से जुड़े हुए हैं। ये सभी दिल्ली में किसी नई आपराधिक वारदात की योजना बना रहे थे, तभी स्पेशल सेल ने कार्रवाई कर इन्हें गिरफ्तार कर लिया। लारेंस ग्रुप ने ली थी हत्या की जिम्मेदारी इंद्रजीत सिंह उर्फ पैरी की हत्या के बाद सबसे पहले इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट डालकर लारेंस ग्रुप की ओर से हत्या की जिम्मेदारी ली गई थी। इसके बाद लारेंस बिश्नोई और पैरी के बीच हुई बातचीत की कॉल रिकॉर्डिंग सामने आई। बाद में गैंगस्टर गोल्डी बराड़ और हैरी बाक्सर की वॉयस रिकॉर्डिंग भी सामने आई, जिसमें दोनों एक-दूसरे पर आरोप लगाते और आपसी टकराव को उजागर करते सुने गए। पुलिस का कहना है कि रिमांड के दौरान आरोपियों से पूछताछ कर हत्याकांड की साजिश, फंडिंग, हथियारों की सप्लाई और गैंग नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका को भी उजागर किया जाएगा।