चंडीगढ़ पुलिस को अपना आईपीएस अफसर मिलने की राह साफ:डीएसपी रामगोपाल प्रमोशन केस, केंद्र को प्रस्ताव भेजने के निर्देश, MHA के रुख पर कैट सख्त
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- Jan 17, 2026
चंडीगढ़ पुलिस के लिए एक अहम फैसले में सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (कैट), चंडीगढ़ बेंच ने डीएसपी रामगोपाल को आईपीएस (एजीएमयूटी कैडर) में शामिल किए जाने से जुड़े लंबे समय से लंबित मामले में कैट ने चंडीगढ़ प्रशासन को केंद्र सरकार को औपचारिक प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही ट्रिब्यूनल ने मामले की अगली सुनवाई 11 फरवरी 2026 तय की है। कैट ने साफ कहा है कि डीएसपी भर्ती नियमों से संबंधित गजट अधिसूचना 14 दिनों के भीतर गृह मंत्रालय को भेजी जाए। साथ ही अगली सुनवाई में प्रशासन को यह स्पष्ट करना होगा कि आईपीएस कैडर में डीएसपी को शामिल करने को लेकर केंद्र को प्रस्ताव भेजा गया है या नहीं। गौरतलब है कि यह मामला वर्ष 2019 से ट्रिब्यूनल में लंबित है और अब तक इसमें 70 से अधिक बार सुनवाई टल चुकी है। कैट के इस आदेश को चंडीगढ़ पुलिस को अपने कैडर का आईपीएस अधिकारी मिलने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। केंद्र के पास कोई प्रस्ताव लंबित नहीं सुनवाई के दौरान ट्रिब्यूनल को बताया गया कि गृह मंत्रालय ने 18 दिसंबर 2024 को जारी पत्र में स्पष्ट किया था कि चंडीगढ़ पुलिस के डीएसपी पद को आईपीएस (एजीएमयूटी कैडर) के फीडर कैडर में शामिल करने से जुड़ा कोई प्रस्ताव फिलहाल केंद्र सरकार के पास लंबित नहीं है। मंत्रालय ने यह भी कहा था कि किसी कैडर को शामिल करना या बाहर करना नीतिगत फैसला है, जो पूरी तरह कार्यपालिका के अधिकार क्षेत्र में आता है। एमएचए के रुख पर कैट सख्त कैट ने अपने आदेश में कहा कि संबंधित विभाग सिर्फ यह दोहरा रहे हैं कि केंद्र के पास कोई मामला लंबित नहीं है, लेकिन यह नहीं बताया जा रहा कि आगे की प्रक्रिया शुरू करने के लिए अब तक क्या ठोस कदम उठाए गए हैं। इसी को गंभीरता से लेते हुए ट्रिब्यूनल ने चंडीगढ़ प्रशासन को सीधे प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। कैट ने यह भी दर्ज किया कि चंडीगढ़ पुलिस में डीएसपी पद के लिए नए भर्ती नियम 21 जनवरी 2021 को अधिसूचित किए गए थे और उसी दिन से लागू भी हैं। इन नियमों के अनुसार डीएसपी रैंक का अधिकारी 8 साल की सेवा पूरी करने के बाद आईपीएस कैडर में प्रमोशन के लिए योग्य होता है। इस आधार पर डीएसपी रामगोपाल आईपीएस कैडर में प्रमोशन के लिए पात्र माने गए हैं। इसके अलावा गवर्नर के आदेशानुसार एसपी पद पर ओआरपी रैंक के तहत प्रमोशन के लिए भी वे पात्र हैं। होम सेक्रेटरी को हलफनामा दाखिल करने के निर्देश कैट ने आदेश दिया है कि गजट अधिसूचना गृह मंत्रालय को भेजने के बाद उसकी पूरी जानकारी सप्लीमेंट्री एफिडेविट के जरिए अगली सुनवाई से पहले ट्रिब्यूनल के समक्ष पेश की जाए। इसके लिए होम सेक्रेटरी को जिम्मेदारी तय करते हुए हलफनामा दाखिल करने के निर्देश दिए गए हैं।



