चंडीगढ़ में एक ही नंबर की दो कारें:भाजपा नेता की शिकायत पर खुलासा, 2 गिरफ्तार, 2 जनवरी को कटा पहला चालान
- Admin Admin
- Jan 18, 2026
चंडीगढ़ में एक ही नंबर की दो कारें चलने का मामला सामने आया है। भाजपा नेता प्रिंस की शिकायत के बाद सेक्टर-17 थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि समय रहते मामला सामने आ गया, नहीं तो फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल किसी बड़ी वारदात में भी हो सकता था। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहाली के रहने वाले सोहेब और एक नाबालिग के रूप में हुई है। भाजपा नेता प्रिंस ने पुलिस को बताया कि उन्होंने 11 दिसंबर 2025 को एक नई कार खरीदी थी, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर CH01DB 6443 है। 31 दिसंबर की रात, जब शहर में नए साल को लेकर पुलिस की ओर से कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए थे, उसी दौरान सेक्टर-35 की मार्केट के पास उन्होंने एक कार देखी। जब उनकी नजर उस कार की नंबर प्लेट पर पड़ी तो वह उनकी ही कार के नंबर से बिल्कुल मेल खा रही थी। 2 जनवरी आया पहला ट्रैफिक चालान प्रिंस ने कहा पहले तो उन्हें लगा कि शायद उन्होंने नंबर गलत पढ़ लिया है। घर पहुंचकर उन्होंने इस बारे में अपने बेटे को बताया। इसी बीच 2 जनवरी 2026 को उनके मोबाइल फोन पर एक ट्रैफिक चालान का मैसेज आया। मैसेज में लिखा था कि रात 10:30 बजे विकास मार्ग पर उनकी कार का चालान किया गया है, जबकि उस समय उनकी कार वहां मौजूद ही नहीं थी। इसके बाद 9 जनवरी को सेक्टर-31 इलाके से दूसरा चालान उनके मोबाइल पर आ गया। लगातार चालान आने पर उन्हें शक हुआ और उन्होंने इसकी शिकायत चंडीगढ़ पुलिस के सेक्टर-9 स्थित एसपी विंडो में दी। शिकायत के बाद मामले की जांच सेक्टर-17 थाना पुलिस को सौंपी गई। इसके बावजूद 14 जनवरी को सेक्टर-25 और सेक्टर-36 के लाइट प्वाइंट से फिर चालान कटने का मैसेज उनके मोबाइल पर आ गया। फास्ट टैग से निकाली पुलिस ने डिटेल पुलिस जांच में बड़ा खुलासा तब हुआ, जब पता चला कि उसी फर्जी नंबर प्लेट वाली कार से हिमाचल प्रदेश के बद्दी इलाके में टोल प्लाजा पर फास्ट टैग के जरिए भुगतान किया गया है। इसी फास्ट टैग रिकॉर्ड के आधार पर पुलिस फर्जी नंबर प्लेट लगी कार तक पहुंची और कार चला रहे आरोपियों की पहचान की। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि आरोपियों ने इससे पहले इस फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल कहां-कहां किया और क्या इसका संबंध किसी अन्य आपराधिक गतिविधि से भी है।



