चंडीगढ़ DGP बोले धरना-प्रदर्शन लोकतंत्र का हिस्सा:60 साल पूरे मनाई डायमंड जुबली, साइबर क्राइम और ट्रैफिक नियमों पर भी दिया संदेश

चंडीगढ़ पुलिस के 60 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में गुरुवार को डायमंड जुबली समारोह हुआ। इस मौके पर चंडीगढ़ डीजीपी डॉ. सागर प्रीत हुड्डा ने डायमंड जुबली लोगो का अनावरण किया। समारोह के दौरान डीजीपी ने कानून-व्यवस्था, साइबर क्राइम, गैंगस्टरों और ट्रैफिक व्यवस्था समेत कई अहम मुद्दों पर अपनी बात रखी। डीजीपी ने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है और लोकतंत्र में धरना-प्रदर्शन होते रहते हैं। चंडीगढ़ में भी विभिन्न संगठनों और लोगों द्वारा प्रदर्शन किए जाते हैं, लेकिन पुलिस उन्हें पूरी योजना व बेहतर प्रबंधन के साथ संभालती है ताकि आम लोगों को परेशानी न हो और कानून-व्यवस्था बनी रहे। डीजीपी ने कहा कि जिस तरह से चंडीगढ़ के स्कूलों, हाईकोर्ट और अन्य सरकारी संस्थानों को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकियां मिल रही हैं, उन्हें हल्के में नहीं लिया जा सकता। इसको लेकर एक एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) तैयार की जा रही है, जिसमें सभी संबंधित संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। यह एसओपी ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए बनाई जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की कोई स्थिति सामने आने पर तुरंत और प्रभावी कार्रवाई की जा सके। डीजीपी के कार्यक्रम की बड़ी बातें:- 450 विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा डायमंड जुबली समारोह के तहत चंडीगढ़ पुलिस ने शहर के सरकारी और निजी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए लोगो डिजाइन प्रतियोगिता आयोजित की थी। प्रतियोगिता में करीब 450 विद्यार्थियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में रयान इंटरनेशनल स्कूल के छात्र भुवनेश शर्मा ने पहला, जीएमएसएसएस सेक्टर-23 की छात्रा मीनाक्षी ने दूसरा और जीएमएसएसएस करसान के छात्र रक्षित कुमार ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। चयनित लोगो को डायमंड जुबली वर्ष का आधिकारिक प्रतीक बनाया गया है। वर्षभर जनसंपर्क कार्यक्रम, सामुदायिक गतिविधियां, खेल प्रतियोगिताएं, सांस्कृतिक कार्यक्रम और जागरूकता अभियान आयोजित किए जाएंगे, ताकि पुलिस और जनता के बीच संबंधों को और मजबूत बनाया जा सके।