चारिस गोयल की मौत का मामला, महिला आरोपी को हाईकोर्ट से नियमित जमानत

हाईकोर्ट ने चारिस गोयल (19) की मौत से जुड़े मामले में एक महिला आरोपी को नियमित जमानत प्रदान करते हुए कहा कि विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने उसे कथित हत्या में किसी सक्रिय भूमिका का जिम्मेदार नहीं ठहराया है। जस्टिस सूर्य प्रताप सिंह ने कहा कि याचिकाकर्ता पिछले 9 माह से अधिक समय से न्यायिक हिरासत में है। एसआईटी की जांच में उसकी सक्रिय संलिप्तता सामने नहीं आई है। मुकदमे के शीघ्र निष्कर्ष की कोई संभावना नहीं है और उसके कब्जे से अब कुछ भी बरामद किया जाना शेष नहीं है। मार्च 2025 में 2 दिनों से लापता चारिस का शव बठिंडा जिले के मौड़ मंडी क्षेत्र के यात्री गांव के पास नहर से बरामद हुआ था। चारिस, चंडीगढ़ के एक कऑलेज की छात्रा थी। मामले में 11 मार्च को थाना मौड़ जिला बठिंडा में एफआईआर दर्ज की गई थी। शिकायत मृतका के पिता सुमीत गोयल ने दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, 9 मार्च को चारिस चंडीगढ़ से अपने घर के लिए निकली थी, लेकिन वहां नहीं पहुंची। बाद में उसने कथित तौर पर अपनी मां को फोन कर बताया कि वह एक कमरे में बंद है और उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास किया जा रहा है। एफआईआर में आरोप लगाया गया कि चारिस का अपहरण मुकुल मित्तल, करण बंसल और 2 अन्य व्यक्तियों ने बोलैरो में किया। जांच के दौरान कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। 12 मार्च 2025 को चारिस का शव कोटला कैनाल ब्रांच से बरामद होने के बाद हत्या की धारा जोड़ी गई। याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी कि महिला आरोपी को अस्वीकार्य सामग्री के आधार पर झूठा फंसाया गया है।