25 मिनट की शॉर्ट फिल्म में कॉमेडी, सस्पेंस और थ्रिलर

शॉर्ट फिल्म में फोकस रहता है कला के ऊपर। कहानी को ऐसे दिखाया जाता है कि एंटरटेनिंग लगे। इसके अलावा शॉर्ट फिल्म का बजट थोड़ा रहता है। कम बात को सिचुएशंस के तौर पर दिखा सकते हैं। इन दिनों सोशल मीडिया रील्स का ट्रेंड हैं, जिस कारण लोगों का वॉच स्टाइम कम हो गया है। कम समय में अपनी बात उन तक पहुंचाने का माध्यम शॉर्ट फिल्में हैं। साथ ही इन्हें रिलीज करने के लिए किसी पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं। ऑनलाइन से इसकी रीच और वाइडर हुई है। दुनियाभर में बैठे कहीं भी लोग देख सकते हैं। यह बोले डायरेक्टर कंवर पाल कंबोज। अबतक 50 से ज्यादा फिल्मों की पोस्ट प्रोड्क्शन कर चुके हैं। इंडिपेंडेंट मेकर्स को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने फाइनल मैजिक स्टूडियोज मंच तैयार किया है। इस मंच के तहत उन्होंने सात्विक आर्ट्स थिएटर ग्रुप के साथ मिलकर 25 मिनट की शॉर्ट फिल्म “आज का राशीफल’ बनाई है। सेक्टर-18 के टैगोर थिएटर में मंगलवार को यह शॉर्ट फिल्म लॉन्च हुई। इस दौरान कास्ट एंड क्रू से जुड़े सदस्य मौजूद रहे। यह कंवर पाल की चौथी शॉर्ट फिल्म है। बोले - यह फिल्म फेस्टिवल के मकसद से नहीं बल्कि दर्शक से लेकर कॉमर्शियल एंगल आदि को पैकेज करके तैयार किया है। इसमें गीत भी हैं। फिल्म को मिल बांटकर बनाया है। इसमें इतने नामी कलाकार नहीं है बल्कि सभी रंगमंच के हैं इसलिए उन्हें प्रॉपर राशि भुगतान करने की बजाए आना-जाना और जो लागत लगी उससे भरपाई की। पांच दिन शूटिंग में लगे और उसके बाद दो महीने का वक्त पोस्ट प्रोड्क्शन में। इस फिल्म को पहले ओटीटी में रिलीज करने का सोचा। लेकिन इस शॉर्ट फिल्म का जोनर अलग था। इसमें कॉमेडी, सस्पेंस, थ्रिलर आदि सबकुछ है। शॉर्ट फिल्म में एक सफर दिखाना होता है कम वक्त में, जिसमें इंसान आसानी से इन हो जाता है। _photocaption_संघर्ष पर एस्ट्रोलॉजर की कहानी*photocaption* इसमें सात कलाकारों ने एक्ट किया। इसमें अमित सनोरिया, अभिषेक शर्मा, सरवर अलि, जैसमीन, दुर्गेश अटवाल रहे। इसमें पवन मुसाफिर के लिखे गीत को गाया है नव्ज़ ने, जिसे कंपोज़ किया दुर्गेश अटवाल ने आैर म्यूजिक हिमांशु ने दिया। फिल्म में पेड़ों की नीचे बैठकर हाथ देखने वाली एस्ट्रोलॉजर की कहानी है। जिसे डिजिटल दुनिया की वजह से संघर्ष का सामना करना पड़ता है। इसमें बताया कैसे पहले इंसान की चढ़ाई होती है आैर फिर रोज़गार में कमी आते ही वह अन्य रास्तों में बढ़ जाता है। इसमें संदेश दिया कि अपनी मेहनत पर ध्यान दें और आत्मविश्वासी बनें, ओवर कॉन्फिडेंट न बनें।