चंडीगढ़ में मृत गायों के शव मिलने से हंगामा:तीन दिन से नहीं हो सका संस्कार, मेयर ने जांच के आदेश दिए, जिम्मेदारों पर कार्रवाई का आश्वासन
- Admin Admin
- Jan 14, 2026
शहर के मखन माजरा इलाके में स्थित एनिमल कारकस इंसिनरेशन प्लांट के बरामदे में 45 मृत गायों के शव मिलने से विवाद खड़ा हो गया है। नगर निगम का कारकस निस्तारण प्लांट लंबे समय से बंद पड़ा है, जिसके चलते मृत गायों का समय पर संस्कार नहीं हो सका। इस घटना को लेकर शहर के समाज सेवियों और गौ रक्षकों में भारी रोष है। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में गायों की मौत को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इतनी गायों की मृत्यु कैसे हुई और कहां हुई। सोशल मीडिया वीडियो से भड़का मामला दरअसल, एक इंटरनेट इन्फ्लुएंसर ने मृत गायों की वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड की थी, जिसमें गायों के शव जमीन पर पड़े दिखाए गए। यह वीडियो शहर के सोशल मीडिया ग्रुपों में तेजी से वायरल हो गई। इसके बाद समाज सेवियों ने कड़ी आपत्ति जताई। वीडियो सामने आने के बाद कई समाज सेवी कारकस प्लांट पहुंचे। वहां पता चला कि पिछले तीन दिनों में अलग-अलग जगहों से मृत गायों को यहां संस्कार के लिए लाया गया था, लेकिन मशीन खराब होने के कारण उनका निपटारा नहीं हो सका। कर्मचारियों के पास न साधन, न जगह प्लांट पर तैनात कर्मचारियों ने बताया कि मृत पशुओं को दफनाने के लिए न तो पर्याप्त नमक उपलब्ध था और न ही जगह। विरोध बढ़ने के बाद नगर निगम अधिकारियों ने मौके पर नमक भिजवाया, ताकि शवों को अस्थायी रूप से दफनाया जा सके। शहर के समाज सेवी बिसल बलौर, राज चड्ढा और राहुल महाजन ने कहा कि मकर संक्रांति जैसे पावन दिन पर इस तरह की लापरवाही बेहद निंदनीय है। उन्होंने मांग की कि नगर निगम यह जांच कराए कि ये गाय कहां से आईं और उनकी मौत कैसे हुई। गौशाला से मौत की आशंका, रजिस्टर गायब समाज सेवियों का आरोप है कि संभवतः ये गाय मखन माजरा की गौशाला में ही मरी हैं, लेकिन इसकी पुष्टि के लिए जरूरी रजिस्टर कारकस प्लांट से गायब है। प्लांट पर काम कर रहे एक कर्मचारी ने बताया कि देर रात कुछ लोग आए थे, जिन्होंने खुद को बजरंग दल का बताया और मृत पशुओं का रजिस्टर अपने साथ ले गए। हालांकि इस बारे में वरिष्ठ अधिकारियों को कोई लिखित सूचना नहीं दी गई। मेयर का बयान: जांच होगी, दोषी नहीं बचेंगे मेयर हरप्रीत कौर बबला ने कहा,“मुझे जानकारी मिली है कि कुछ गायें मखन माजरा-रायपुर गौशाला में मरी पड़ी थीं। जब एमओएच विभाग से जानकारी ली गई तो बताया गया कि अलग-अलग गांवों से मृत गायों को यहां लाया गया है, जिनका संस्कार किया जाता है। मशीन खराब होने के कारण इन्हें दफनाने की तैयारी की जा रही थी।अगर जांच में यह सामने आता है कि गायों की मौत यहीं हुई है या किसी स्तर पर लापरवाही बरती गई है, तो जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी चाहे कितने भी बड़े पद पर हों, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।”



