सहकारी सोसायटी में रहने वालों को मिलेगा मालिकाना हक, 31 मार्च तक संपत्तियों के ट्रांसफर पर विशेष छूट

पंजाब सरकार ने सहकारी हाउसिंग सोसायटियों में रहने वाले लोगों के हित में नागरिक केंद्रित सुधार प्रस्तुत किए हैं। सीएम के निर्देश अनुरूप सरकार ने सहकारी हाउसिंग संपत्तियों के पंजीकरण को किफायती, सुरक्षित और कानूनी रूप से मजबूत बनाने के लिए व्यापक ढांचे को मंजूरी दी है। साथ ही राज्य के लिए स्टांप ड्यूटी की वैध वसूली भी सुनिश्चित की गई है। सरकार ने सहकारी हाउसिंग सोसायटियों में संपत्ति के हस्तांतरण को कानूनी रूप देने के लिए दूरगामी कदम उठाए हैं। इनमें से अनेक सोसायटियां दशकों से बिना पंजीकरण के रही हैं। प्रवक्ता ने कहा, सीएम ने कई सुधारों को मंजूरी दी है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सहकारी हाउसिंग सोसायटियों में संपत्ति के हस्तांतरण औपचारिक रूप से पंजीकृत हों, कानूनी रूप से सुरक्षित हों और नागरिकों के लिए वित्तीय रूप से लाभकारी भी हों। साथ ही राज्य के राजस्व हितों की भी रक्षा हो सके। सहकारी हाउसिंग सोसायटियों द्वारा उनके मूल सदस्यों के पक्ष में किए गए मूल आवंटन के दस्तावेजों को स्टांप ड्यूटी से पूर्णतः मुक्त किया गया है। प्रवक्ता ने बताया, ऐसी रजिस्ट्रेशनों को घोषित मूल्य पर केवल एक मामूली पंजीकरण शुल्क के साथ अनुमति दी जाएगी। हजारों परिवारों को अपने घरों के लिए स्पष्ट कानूनी स्वामित्व प्राप्त करने में सक्षम बनाने के लिए सरकार ने 12 जनवरी को अधिसूचित गैर मूल आवंटियों और ट्रांसफर मामलों के लिए अत्यंत रियायती, समयबद्ध स्टांप ड्यूटी दरें लागू की हैं। प्रवक्ता ने बताया कि 31 जनवरी तक पूर्ण हुई रजिस्ट्रेशनों पर स्टांप ड्यूटी 1%, 28 फरवरी तक की रजिस्ट्रेशनों पर 2% और 31 मार्च तक की रजिस्ट्रेशनों पर 3% निर्धारित की गई है। सरकार ने ट्रांसफर फीस पर स्पष्ट कानूनी सीमा निर्धारित की है।