बिजली कंपनियों ने अगले वित्त वर्ष में 4484 करोड़ रु. काघाटा प्रस्तावित बताया, कमीशन लोगों से ले रहा फीडबैक
- Admin Admin
- Jan 14, 2026
चालू वित्त वर्ष में उपभोक्ताओं पर बिजली बिलों में आर्थिक बोझ डाले जाने के बावजूद बिजली कंपनियां घाटे में हैं। बिजली कंपनियों की तरफ से हरियाणा इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन के सामने अगले वित्त वर्ष 2026-27 के लिए लेखा-जोखा रखा है। कमीशन ने बिजली कंपनियों से पूछा है कि यह घाटा कैसे पूरा किया जाएगा? चालू वित्त वर्ष के लिए भी कंपनियों की तरफ 4520 करोड़ रुपए घाटा प्रस्तावित बताया था, लेकिन कमीशन ने इसे घटकार 3265 करोड़ किया था। इस घाटे को पूरा करने के लिए उपभोक्ताओं पर बोझ डाला गया। 20 पैसे तक प्रति यूनिट रेट बढ़े, लेकिन घाटा पूरा नहीं हुआ। अब अगले वित्त वर्ष के लिए बिजली कंपनियों ने 4,484 करोड़ रुपए का प्रस्तावित घाटा बताया है। चालू वित्त वर्ष में मिड-ईयर तक यह 98 करोड़ है। लेकिन, बिजली कंपनियां वित्त वर्ष- 2024-25 का 5261 करोड़ रुपए के घाटे में रही थी। उसकी पूर्ति नहीं हुई है। अभी कमीशन ने कंपनियों से घाटे की पूर्ति करने को पूछा है। अब कंपनियां बताएंगी कि यह घाटा कैसे पूरा किया जाएगा। चालू वित्त वर्ष में घाटा पूरा करने के लिए उन्होंने बिजली बिलों में बढ़ोतरी करने की बात कही थी। हालांकि, इस बार अभी कंपनियों का जवाब आना बाकी है। कंपनियों की ओर से रखी गई रिपोर्ट पर कमीशन लोगों से फीडबैक ले रहा है। वह जल्द ही पानीपत, गुरुग्राम, हिसार व यमुनानगर में आम लोगों के बीच जाकर उनसे बातचीत करेगा। 7,7342 करोड़ बकाया, वसूले जाएं तो लाभ आ सकती हैं कंपनियां राज्य में डिफाल्टर उपभोक्ताओं से रिकवरी के लिए ठोस प्रयास नहीं दिख रहे। यदि इनसे बकाया राशि ही वसूल कर ली जाए तो बिजली कंपनियां फायदे में आ सकती है। राज्य में कुल 83.40 लाख बिजली कनेक्शन दर्ज किए गए हैं। इनमें उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के 38.51 और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के 44.88 कनेक्शन शामिल हैं। राज्य में कुल 22,50,981 डिफाल्टर उपभोक्ताओं पर 7,742.13 करोड़ रुपए की बिजली बिल बकाया राशि है। यदि इनसे रिकवरी कर ली जाएगी राजस्व घाटा पूरा हो सकता है। सरकारी विभागों के ही 23,672 कनेक्शनों पर भी 418.06 करोड़ रुपए का बिजली बिल बकाया है।



