प्लॉटों की खरीद-फरोख्त और क्रिप्टो के नामपर ठगी करने के चार आरोपियों की संपत्ति कुर्क
- Admin Admin
- Jan 14, 2026
चंडीगढ़ | हरियाणा के गुरुग्राम में प्लॉटों की खरीद-फरोख्त व क्रिप्टो में निवेश के नाम पर लोगों से फर्जीवाड़ा करने वाले आरोपियों के खिलाफ मंगलवार को ईडी ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। चंडीगढ़ ईडी की जोनल जांच टीम ने गुरुग्राम में धोखाधड़ी की धाराओं के तहत दर्ज मामले में नामजद आरोपी संदीप यादव, मनोज यादव और मोहन शर्मा समेत अन्य के खिलाफ कार्रवाई करते हुए करीब 10.86 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्तियों को कुर्क किया है। इनमें 6.06 करोड़ रुपए के फ्लैट और जमीन समेत रामिल टोकन में जमा 4.79 करोड़ रुपए फ्रीज करवाए है। गुरुग्राम में वर्ष 2025 में पुलिस ने संदीप, मनोज व अन्य के खिलाफ फ्लैट की खरीद-फरोख्त को लेकर धोखाधड़ी व अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। इससे पहले भी इनके खिलाफ क्रिप्टो में निवेश के नाम पर मामले दर्ज थे। इसी दौरान चंडीगढ़ ईडी की जोनल टीम ने भी हरियाणा पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर इन आरोपियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग को लेकर जांच शुरू की। पता चला कि आरोपियों ने साथियों के साथ मिलकर गुरुग्राम व अन्य जगहों पर करीब 35 से 40 लोगों के साथ क्रिप्टो व फ्लैट के नाम पर फर्जीवाड़ा किया। भास्कर इनसाइट कागज दिखाए, दो करोड़ रुपए ले भी लिए... प्लॉट किसी और का निकला ईडी की जांच में सामने आया कि गुरुग्राम के सेक्टर-15 पार्ट-2 निवासी एक दाना कारोबारी से आरोपियों ने पिछले साल 2025 में करीब 4 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की। शिकायत के आधार पर 10 लोगों के खिलाफ शिवाजी नगर थाने में धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया और इसके बाद मामला ईडी के पास पहुंचा। ईडी की जांच में सामने आया कि आरोपी मनोज यादव व संदीप यादव ने मानेसर में ऑटो पार्ट और प्लास्टिक बनाने की कंपनी लगाई हुई थी। फरवरी 2021 में दोनों आरोपी शिकायतकर्ता मनोज लांबा की फर्म में गए और उसे 900 गज का प्लॉट महज साढ़े 7 करोड़ रुपए में दिलवाने की बात कही। उन्होंने कहा कि उनके पास पैसे नहीं है, इसलिए वह इस बड़े प्लॉट को खरीदें। दोनों लोगों ने हल्का पटवारी से प्लॉट के कागज भी दिखवाए। इसके बाद संदीप और मनोज यादव के कहने पर कथित रूप से अर्श डेवलपर्स से प्लॉट की सात करोड़ 30 लाख रुपए में डील कर ली। मनोज यादव के कहने पर अप्रैल 2021 में इकरारनामा के रूप में डेढ़ करोड़ रुपए नकद और 50 लाख रुपए बैंक खाते में जमा कराए। अक्टूबर 2021 में रजिस्ट्री की बात तय हुई। इसके बाद फिर से जल्द रजिस्ट्री करवाने का झांसा देकर उससे कुल 4 करोड़ रुपए ले लिए। लेकिन जब शिकायतकर्ता कारोबारी अक्टूबर 2021 में सिकंदरपुर घोषी स्थित प्लॉट देखने गया तो पता चला कि यहां तो एसकेएन हरियाणा सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन एजेंसी प्लॉट पर निर्माण करवा रही थी। पूछताछ करने पर पता चला कि यह प्लॉट एजेंसी ने 2019 में ही अर्श डेवलपर्स से खरीदा था। इसके बाद प्लॉट के नाम पर फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ और पुलिस को शिकायत देकर केस दर्ज करवाया गया। इसके अलावा भी इन आरोपियों ने अन्य लोगों के साथ मिलकर इसी तरह से प्लॉटों की खरीद-फरोख्त व क्रिप्टो में पैसे इन्वेस्ट करके अधिक मुनाफा दिलवाने का झांसा देकर ठगी की। इस मामले में ईडी की जांच अभी जारी है।



