बुजुर्ग-विधवा और दिव्यांगों के लिए प्रशासन का बजट खत्म, 25 हजार लोगों की पेंशन रुकी, अब मई में मिलेगी

यूटी प्रशासन का सोशल वेलफेयर डिपार्टमेंट बुजुर्ग-विधवा और दिव्यांगों की पेंशन नहीं दे पा रहा है, क्योंकि उनके पास बजट खत्म हो गया है। अक्टूबर से करीब 25 हजार पेंशनर्स के खाते में पेंशन नहीं आई है। रोजाना सैकड़ों लोग डिपार्टमेंट जा रहे हैं, जहां से एक ही जवाब मिल रहा है- बजट खत्म हो गया है, नया बजट आएगा तो मई में पेंशन मिलेगी। अफसर भी मान रहे हैं कि पेंशन महीनों से अटकी हुई है। इसके बावजूद समय रहते न तो अतिरिक्त बजट की व्यवस्था की गई, न ही वैकल्पिक समाधान तलाशा गया। बजट के नाम पर पेंशन अटकने की दिक्कत हर साल आती है। लेकिन इस बार सबसे कमजोर वर्ग को लंबे इंतजार के लिए छोड़ दिया गया है। डिपार्टमेंट के ग्राउंड फ्लोर पर हेल्प विंडो है, जहां से सभी को कहा जा रहा है कि पेंशन मई में ही आएगी। तब तक लाइफ सर्टिफिकेट जमा कराने के लिए कहा जा रहा है। चंडीगढ़ में ओल्ड एज, विधवा और दिव्यांग पेंशन की राशि महज 1000 रुपये प्रतिमाह है, जो उत्तर भारत में सबसे कम है। पड़ोसी राज्य हरियाणा में यही पेंशन इससे साढ़े तीन गुना अधिक है। पिछले 10 वर्षों से इस पेंशन राशि में 1 रुपये की भी बढ़ोतरी नहीं हुई, जबकि इसी अवधि में महंगाई कई गुना बढ़ चुकी है। समझिए क्यों खत्म हुआ बजट... शहर में सभी ओल्ड एज, विधवा और दिव्यांगों की पेंशन पर सालाना करीब 35-40 करोड़ रुपये खर्च होते हैं। इस बार केंद्र से बजट में कम पैसे मिले हैं। रिवाइज्ड एस्टीमेट (आरई) में भी कट लग गया है। डीबीटी होने की वजह से पेंशन अप्रूव होने के लिए केंद्र में जाता है। अप्रूवल में भी कई महीने लग जाते हैं। बजट का इश्यू आया है। हम इसे फाइनेंस डिपार्टमेंट के सामने टेकअप कर रहे हैं। -अनुराधा चगती, सेक्रेटरी, सोशल वेलफेयर डिपार्टमेंट शहर में पेंशन की स्थिति पेंशन वर्ग संख्या राशि (रु.) दिव्यांग 4650 1000 (69% तक) 2000 (70%+) विधवा 8592 1000 रु. वृद्धावस्था 12,192 1000 रु. पड़ोसी राज्यों में पेंशन राज्य/यूटी पेंशन राशि पेंशन धारक चंडीगढ़ 1000 रु. 25,000 हरियाणा 3500 रु. 18 लाख पंजाब 1500 रु. 34 लाख हिमाचल 1500 रु. 7.15 लाख दिल्ली 2000 रु. 4.5 लाख