कहानियों से दिखाया पंजाब का बदलता दौर

चंडीगढ़ | भारतीय इतिहास में 19वीं सदी के तीन साल काफी अहम हैं। पहला साल 1919 में जलियांवाला बाग हत्याकांड, दूसरा साल 1947 में देश का पार्टिशन और तीसरा 1984 में सिख दंगे। इन्हीं तीनों टाइमलाइन की नाटकीय प्रस्तुति सेक्टर-26 के सेंट कबीर स्कूल में शुक्रवार शाम देखने को मिली। विंग्स थिएटर एकेडमी की प्रोड्क्शन में थिएट्रिकल प्रस्तुति हुई। यह पंजाबी नाटक के रूप में तीन कहानियों की कंपाइलेशन रही, जिसे जुबिन ए मेहता ने अपनी एडेप्टेशन व निर्देशन से दिखाया। जुबिन ने बताया- नाटक को गुलजार की कहानी रावी पार, वरयाम सिंह संधू की टॉमी और मंटो की कहानी तमाशा के मेल से तैयार किया। इससे पंजाब के बदलते दौर को दिखाया।