फर्जी नोट बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया, आरोपितों को 28 जनवरी तक पुलिस हिरासत

कोलकाता, 15 जनवरी (हि. स.)। कोलकाता पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने फर्जी भारतीय मुद्रा नोट बनाने और उसे चलाने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है और भारी मात्रा में नकली नोट, नकली नोट बनाने के उपकरण बरामद किए हैं। गुरुवार को पुलिस ने जानकारी साझा की। गिरफ्तार आरोपितों को अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें 28 जनवरी 2026 तक पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया है।

गिरफ्तार आरोपितों की पहचान सोनारपुर थाना इलाके का निवासी आलोक नाग उर्फ बापी (58), नरेंद्रपुर थाना इलाके का निवासी अयान नाग उर्फ बिक्की (33) टीटागढ़ निवासी श्याम बाबू पासवान (36) के रूप में हुई है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, बुधवार अपराह्न एसटीएफ, कोलकाता पुलिस की एक टीम ने पटुली थाना इलाके में तीन संदिग्धों को रोका। तलाशी के दौरान उनके पास से कुल नौ हजार दो सौ रुपये के फर्जी भारतीय नोट बरामद किए गए। इनमें पांच सौ रुपये के 14 नोट, दो सौ रुपये के 10 नोट और एक सौ रुपये के दो नोट शामिल हैं।

मिली जानकारी के अनुसार, तीनों को शाम करीब पांच बजे गिरफ्तार किया गया। इस संबंध में एसटीएफ थाना, कोलकाता में केस दर्ज किया गया है। आरोपितों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 178/179/180/181/61(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। गुरुवार तड़के आरोपित -आलोक नाग और अयान नाग के बयान के आधार पर तथा उन्हीं की निशानदेही पर एसटीएफ की टीम ने दक्षिण 24 परगना जिले के नरेंद्रपुर थाना अंतर्गत सोनारपुर के राजपुर, तेघोरिया, दशानी पाड़ा स्थित रामकृष्ण पल्ली इलाके में छापेमारी की। यहां आलोक नाग द्वारा किराए पर लिए गए एक मकान से फर्जी नोट बनाने की पूरी यूनिट का खुलासा हुआ।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने नकली नोट बनाने में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण और सामग्री के साथ 15 हजार दो सौ रुपये के फर्जी नोट बरामद किए। इनमें पांच सौ रुपये के आठ नोट, दो सौ रुपये के 14 नोट और एक सौ रुपये के 84 नोट शामिल हैं। इसके अलावा पुलिस ने तीन स्कैनर-कम-कलर प्रिंटर, विभिन्न मूल्यवर्ग के असली भारतीय नोट चिपकाए गए कई सफेद पन्ने, अलग-अलग मूल्यवर्ग के अधूरे रंगीन प्रिंटेड नकली नोट, नौ चमकीले हरे रंग के पेन और 22 हजार रुपये नकद जब्त किए हैं।

पुलिस का कहना है कि आरोपित नकली भारतीय मुद्रा तैयार कर उसे बाजार में चलाने का काम कर रहे थे। इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान और फर्जी नोटों के वितरण तंत्र का पता लगाने के लिए जांच जारी है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हिरासत के दौरान पूछताछ कर इस गिरोह से जुड़े और अहम सुराग जुटाए जाएंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय