जयपुर, 12 जनवरी (हि.स.)। मेट्रो के मानसरोवर से बड़ी चौपड़ मार्ग में रेल संचालन 25 हजार वोल्ट बिजली के तारों द्वारा किया जाता है। जिनमें लगातार 24 घंटे करंट चालू रहता है। यह बिजली के तार मेट्रो रूट पर सड़क से करीब 30 मीटर ऊंचाई तक है। यदि पतंग का मांझा इन बिजली के तारों में उलझ जाये तो कंरट इस मांझे से सीधे ही पतंग उडाने वाले तक पहुंच कर खतरनाक व जानलेवा साबित हो सकता है। पतंगो एवं मांझे के कारण मेट्रो ट्रेन संचालन में बाधा उत्पन्न हो सकती है, गत वर्ष मकर संक्रांति की अवधि में ऐसा हो चुका है। जयपुर मेट्रो के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक वैभव गालरिया ने मकर संक्रांति की बधाई देते हुए सभी नागरिकों से मेट्रो रेल मार्ग के आसपास पतंगबाजी ना करने एवं हर्षोल्लास के साथ सुरक्षित मकर संक्रांति के उत्सव को मनाने की अपील की।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश



