नौकरी के नाम पर धोखा, शिलाई के युवक से म्यांमार में कराया गया साइबर अपराध

नाहन, 03 जनवरी (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश की शांत वादियों से निकलकर सुनहरे भविष्य का सपना देखने वाले युवाओं के लिए एक बेहद डरावनी खबर सामने आई है। सिरमौर जिले के शिलाई क्षेत्र के काँडो गाँव के एक युवक, प्रवीन शर्मा, को विदेश में नौकरी दिलाने के बहाने मानव तस्करी के जाल में फंसाकर म्यामांर के ‘डेथ जोन’ में धकेल दिया गया। जहाँ उससे जबरन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए अश्लील वीडियो कॉल करवाने का अवैध धंधा करवाया गया।

प्रवीन ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि एक कथित एजेंट ने उसे थाईलैंड के बैंकॉक में अच्छी नौकरी का झांसा दिया। इसके बदले प्रवीन ने उसे 70,000 रुपये दिए। बैंकॉक पहुँचने के बाद प्रवीन को लगा कि उसका भविष्य संवर जाएगा, लेकिन असली खौफनाक मंजर अभी शुरू होना था। उसे और कुछ अन्य लोगों को धोखे से थाईलैंड बॉर्डर पर ले जाया गया और वहां से घने जंगलों के रास्ते अवैध रूप से म्यामांर की सीमा पार करवाई गई। म्यामांर पहुँचते ही प्रवीन को एक अज्ञात कंपनी के हवाले कर दिया गया। वहां उसे बंधक बना लिया गया और उससे वह काम करवाया गया जिसकी उसने सपने में भी कल्पना नहीं की थी।

प्रवीन की लड़की के नाम से फर्जी आईडी बनाई गई और उसे लड़की बनकर अमेरिका और अन्य देशों के लोगों के साथ चैट करने पर मजबूर किया गया। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक का उपयोग कर उससे अश्लील लाइव वीडियो कॉल करवाए जाते थे, ताकि सामने वाले को लगे कि वह सच में किसी लड़की से बात कर रहा है।

जब प्रवीन ने काम करने से मना किया और घर वापस आने की गुहार लगाई, तो कंपनी के संचालकों ने उससे मोटी फिरौती की मांग की। इसी बीच, किस्मत ने साथ दिया और थाईलैंड की आर्मी ने उस इलाके में छापेमारी कर प्रवीन सहित अन्य लोगों को रेस्क्यू किया। हालांकि, अवैध तरीके से बॉर्डर पार करने के कारण उसे 8 दिनों तक थाईलैंड की जेल में भी रहना पड़ा। अंततः 10 नवंबर 2025 को भारतीय दूतावास के हस्तक्षेप के बाद उसे सुरक्षित भारत वापस लाया गया।

एसपी सिरमौर निश्चित सिंह नेगी ने बताया कि शिलाई थाना में इस मामले पर अभियोग पंजीकृत कर लिया गया है और पुलिस अब उस एजेंट के जाल को खंगाल रही है जिसने प्रवीन को मौत के मुंह में धकेला। एसपी ने आम जनता से अपील की है कि विदेश में अधिक पैसे कमाने के लालच में किसी भी अनजान या अवैध एजेंट के झांसे में न आएं, क्योंकि इससे आर्थिक नुकसान के साथ-साथ गंभीर और खतरनाक परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / जितेंद्र ठाकुर