फर्जी वीजा देकर भेजा इंडोनेशिया
कैथल, 01 जनवरी (हि.स.)। विदेश में बेहतर भविष्य का सपना दिखाकर एक युवक से 11 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने युवक को सिंगापुर से आस्ट्रेलिया भेजने का दावा किया, लेकिन उसे फर्जी वीजा थमा कर पहले इंडोनेशिया भेज दिया गया। वहां वीजा फर्जी पाए जाने पर युवक को दस दिन बाद भारत लौटना पड़ा। ढांड निवासी सोहन लाल की शिकायत पर ढांड थाना पुलिस ने गुरुवार को चार आरोपियाें के खिलाफ ठगी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शिकायत के अनुसार सोहन लाल वर्ष 2022 में पढ़ाई के लिए सिंगापुर गया था। दिसंबर 2023 में वाट्सएप के माध्यम से उसकी पहचान कानपुर नगर (उत्तर प्रदेश) निवासी दीपेंद्र सिंह, होशियारपुर (पंजाब) निवासी साहिल कुमार, दिल्ली निवासी कासिम मोहम्मद और अमित त्रिपाठी से हुई। आराेपियाें ने खुद को विदेश भेजने का काम करने वाला बताते हुए सिंगापुर से सीधे आस्ट्रेलिया भेजने का भरोसा दिलाया और इसके बदले 12 लाख रुपये की मांग की।
जनवरी 2024 में आरोपी सोहन लाल के पिता से मिलने उसके घर पहुंचे और भरोसा दिलाया कि युवक को सही तरीके से आस्ट्रेलिया भेज दिया जाएगा। इस पर उसके पिता और भाई ने जरूरी दस्तावेज सौंपते हुए तीन लाख रुपये नकद दे दिए। इसके बाद आरोपित लगातार संपर्क में रहे और अलग-अलग समय पर आठ लाख रुपये और उनके खातों में जमा करवा लिए।
पैसे लेने के बाद आराेपियाें ने युवक को वीजा भेजा और 13 जनवरी को उसे सिंगापुर से इंडोनेशिया भेज दिया। इंडोनेशिया में करीब दस दिन रहने के बाद जब युवक ने वहां की एंबेसी में वीजा दिखाया तो अधिकारियों ने उसे फर्जी करार दे दिया। इसके बाद युवक भारत लौट आया। आरोप है कि आरोपितों ने न तो उसे आस्ट्रेलिया भेजा और न ही ठगी की गई रकम वापस लौटाई। ढांड थाना पुलिस ने इस मामले में चारों आरोपियाें के खिलाफ केस दर्ज कर जांच एएसआई राजेंद्र को सौंपी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे



