बाड़मेर–बालोतरा जिलों की सीमाओं में फेरबदल, सियासी घमासान तेज
- Admin Admin
- Jan 03, 2026
बाड़मेर, 3 जनवरी (हि.स.)। राज्य सरकार ने बाड़मेर और बालोतरा दोनों जिलों के क्षेत्रों का पुनर्गठन कर अदला-बदली कर दी। 31 दिसंबर को राजस्व विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के जरिए हुए इस फैसले के तहत बायतु उपखंड को बालोतरा से हटाकर दोबारा बाड़मेर जिले में शामिल किया गया है, जबकि बाड़मेर के गुड़ामालानी और धोरीमन्ना उपखंड को नए जिले बालोतरा में जोड़ा गया है।
नए पुनर्गठन के बाद अब बालोतरा जिले में 5 उपखंड, 9 तहसील और 5 उपतहसील होंगी, जबकि बाड़मेर जिले में 7 उपखंड, 11 तहसील और 7 उपतहसील रहेंगी। बायतु विधानसभा क्षेत्र का भी पुनर्गठन किया गया है। गिड़ा और पाटोदी तहसील बालोतरा जिले में रहेंगी, जबकि बायतु तहसील को पुनः बाड़मेर में शामिल किया गया है।
इस प्रशासनिक बदलाव के बाद इलाके में सियासी हलचल तेज हो गई है। नोटिफिकेशन जारी होते ही भाजपा कार्यकर्ताओं ने पटाखे फोड़कर खुशी जताई, वहीं कांग्रेस नेताओं ने इसे जनविरोधी बताते हुए विरोध शुरू कर दिया। सरकार द्वारा 31 दिसंबर को सीमाओं में बदलाव को रणनीतिक कदम माना जा रहा है।
दरअसल, एक जनवरी से जनगणना प्रक्रिया शुरू होने के कारण प्रशासनिक सीमाएं मई 2027 तक के लिए फ्रीज हो गई हैं। अब जनगणना पूरी होने तक किसी भी जिले, उपखंड या तहसील की सीमा में बदलाव नहीं किया जा सकेगा। ऐसे में सरकार के इस फैसले को न तो प्रशासनिक स्तर पर पलटा जा सकेगा और न ही कोर्ट में चुनौती देना आसान होगा।
जिलों की सीमाओं में बदलाव का असर आने वाले विधानसभा परिसीमन पर भी पड़ेगा। बायतु से कांग्रेस विधायक और मध्यप्रदेश कांग्रेस के प्रभारी हरीश चौधरी इसी क्षेत्र से चुनाव लड़ते हैं। नए बदलाव से उनके राजनीतिक समीकरण प्रभावित होने की चर्चा है। वहीं, गुड़ामालानी क्षेत्र मंत्री केके विश्नोई का निर्वाचन क्षेत्र है, जिस कारण फैसले के पीछे स्थानीय राजनीति गरमा गई है।
नोटिफिकेशन के बाद जहां भाजपा समर्थक फैसले को सही ठहरा रहे हैं, वहीं कांग्रेस इसे जनता के खिलाफ बताते हुए सड़कों पर उतरने की तैयारी में है। जनप्रतिनिधियों ने इस पर तीखी प्रतिक्रियाएं दी है। हरीश चौधरी ने शायराना अंदाज में विरोध जताते हुए लिखा कि राजनीतिक मकसद से तहसीलों को तोड़ा, न डरूंगा, न झुकूंगा, अपने लोगों के साथ खड़ा हूं। उम्मेदाराम बेनीवाल ने भी इसे तुगलकी व्यवस्था करार दिया। पूर्व विधायक हेमाराम चौधरी ने कहा कि धोरीमन्ना और गुड़ामालानी में किया गया बदलाव जमीनी हकीकत और जनता की सुविधा के खिलाफ है।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित



