हरियाणा में 100 एमजी से अधिक निमेसुलाइड ओरल फार्मूलेशन पर रोक

चंडीगढ़, 01 जनवरी (हि.स.)। हरियाणा में मानव उपयोग के लिए इमीडिएट रिलीज़ डोसेज फ़ॉर्म में 100 मिलीग्राम से ज़्यादा निमेसुलाइड वाली सभी ओरल फॉर्मूलेशन के निर्माण, बिक्री और वितरण पर तुरंत प्रभाव से रोक लगा दी गई है।

हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने गुरुवार को जारी एक बयान में बताया कि इस कदम का मुख्य उद्देश्य लोगों को संभावित दुष्प्रभावों से बचाना और यह सुनिश्चित करना है कि राज्य में केवल सुरक्षित और प्रमाणित दवाओं का ही उपयोग हो।

आरती सिंह राव ने कहा कि यह निर्णय पूरी तरह से लोगों के हित और उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। उन्होंने कहा कि दवाओं का उद्देश्य रोगियों को राहत देना है, न कि उनके स्वास्थ्य को खतरे में डालना। जब वैज्ञानिक साक्ष्य किसी दवा से जोखिम की ओर संकेत करते हैं और सुरक्षित विकल्प मौजूद हों, तो सरकार का कर्तव्य है कि वह जनहित में ठोस निर्णय ले।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने दवा निर्माताओं, थोक एवं खुदरा विक्रेताओं, केमिस्टों और मेडिकल स्टोरों को इस प्रतिबंध का सख्ती से पालन करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके साथ ही, नियमित निरीक्षण और निगरानी की व्यवस्था की गई है तथा उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

स्टेट ड्रग्स कंट्रोलर ललित कुमार गोयल ने बताया कि केंद्र सरकार की अधिसूचना को राज्य में प्रभावी रूप से लागू कर दिया गया है,जिसके तहत इमीडिएट रिलीज़ डोसेज फॉर्म में 100 मिलीग्राम से अधिक निमेसुलाइड युक्त सभी ओरल फार्मुलेशन के निर्माण, बिक्री और वितरण पर प्रतिबंध लगाया गया है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने वैज्ञानिक तथ्यों के गहन मूल्यांकन और ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड से परामर्श के बाद यह निष्कर्ष निकाला कि 100 मिलीग्राम से अधिक निमेसुलाइड वाली ओरल दवाएं मानव स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा कर सकती हैं, जबकि इनके सुरक्षित विकल्प उपलब्ध हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा