हाथरस, 07 जनवरी (हि.स.)। जिलेभर में नकली और मानक विहीन दवाओं के खिलाफ औषधि विभाग का अभियान रंग ला रहा है। कस्बे के एक मेडिकल स्टोर से लिया गया मेडिकेटेड साबुन का सैंपल सरकारी लैब की जांच में पूरी तरह 'नकली' घोषित कर दिया गया है।
लखनऊ स्थित राजकीय लैब की रिपोर्ट आने के बाद औषधि विभाग ने संबंधित फर्मों को नोटिस जारी करते हुए उक्त साबुन की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। औषधि निरीक्षक राजकुमार शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि 20 सितंबर 2025 को सादाबाद स्थित मेडिकल स्टोर पर औचक छापेमारी की गई थी। इस दौरान विभाग ने 'केरीविल सी मेडीकेडिट सोप' का नमूना लिया था। संदेह होने पर सैंपल को विस्तृत जांच के लिए लखनऊ स्थित लैब भेजा गया था। लैब रिपोर्ट के अनुसार, साबुन के लेबल पर 'कीटोकोनाजोल 2 फीसदी होने का दावा किया गया था, लेकिन वैज्ञानिक परीक्षण में इसमें कीटोकोनाजोल की मात्रा बिल्कुल नहीं पाई गई। कीटोकोनाजोल एक एंटी-फंगल तत्व है, जो चर्म रोगों के उपचार में सहायक होता है। इसकी मात्रा न होने के कारण लैब ने इसे नकली घोषित कर दिया है।
औषधि निरीक्षक ने बताया कि रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई तेज कर दी गई है। संबंधित निर्माता फर्म और स्टोर संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। साथ ही, जनपद के सभी थोक और फुटकर विक्रेताओं को निर्देश दिए गए हैं कि इस बैच के साबुन की बिक्री तुरंत रोक दें। उन्होंने चेतावनी दी कि जनता की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी फर्म, स्टोर को बख्शा नहीं जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / मदन मोहन राना



