अमृतसर में श्री अकाल तख्त साहिब में शहीदी दिवस मनाया:भाई सतवंत, केहर और बेअंत सिंह को दी श्रद्धांजलि, की थी इंदिरा गांधी की हत्या

अमृतसर स्थित श्री अकाल तख्त साहिब में शहीद भाई सतवंत सिंह, भाई केहर सिंह और भाई बेअंत सिंह जी का शहीदी दिवस पूर्ण श्रद्धा, सम्मान और पंथक भावना के साथ मनाया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में सिख संगत तथा विभिन्न पंथक संगठनों के नेता उपस्थित हुए और शहीदों की महान कुर्बानी को नमन किया। शहीदी दिवस के अवसर पर श्री अखंड पाठ साहिब के भोग डाले गए, जिसके उपरांत हजूरी रागी सिंहों द्वारा गुरबाणी कीर्तन किया गया। कीर्तन के माध्यम से शहीदों के पंथ के प्रति समर्पण, दृढ़ता और बलिदान को उजागर किया गया। कार्यक्रम में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से सचिव प्रताप सिंह, सचखंड श्री दरबार साहिब के मैनेजर भाई भगवंत सिंह धंगेड़ा, भाई भगवंत सिंह सियालका सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं शिरोमणि अकाली दल (मान) के नेता सिमरनजीत सिंह मान, दल खालसा के नेता तथा अन्य पंथक हस्तियों ने भी कार्यक्रम में शिरकत की। सिख रखते हैं गुरु और गुरुधामों के प्रति अपार श्रद्धा इस दौरान मौजूद रहे एसजीपीसी सदस्य भगवंत सिंह सियालका और दल खालसा से भाई परमजीत सिंह मंड ने कहा कि शहीद भाई सतवंत सिंह, भाई केहर सिंह और भाई बेअंत सिंह ने यह साबित कर दिया था कि सिख अपने गुरु और गुरुधामों के प्रति कितनी अथाह श्रद्धा रखते हैं और उन्हें नुकसान पहुंचाने वालों को माफ नहीं करते। उन्होंने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने अपने राजनीतिक फायदे के लिए सिखों की श्रद्धा पर वार किया था जिसके विरोध में शहीद भाई सतवंत सिंह, भाई केहर सिंह और भाई बेअंत सिंह इंदिरा गांधी को मारा। शहीद परिवारों को भेंट किया सिरोपा समारोह को संबोधित करते हुए पूर्व लोकसभा सदस्य सिमरनजीत सिंह मान ने कहा कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की चुनाव प्रक्रिया अत्यंत आवश्यक है और चुनाव होने से ही पंथक व गुरुद्वारा प्रबंधन से जुड़े अहम मुद्दों का समाधान संभव है। उन्होंने कहा कि शहीदों की कुर्बानी हमें सच्चाई और इंसाफ के रास्ते पर चलने की प्रेरणा देती है। कार्यक्रम के अंत में शहीद भाई सतवंत सिंह और भाई बेअंत सिंह जी के परिवारों को सिरोपा भेंट कर सम्मानित किया गया।