अमृतसर के भग्गूपुर बेट में नहर निर्माण का विरोध:ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन; नहरी विभाग पर लगाए आरोप

पंजाब के अमृतसर के सरहदी गांव भग्गू पुर बेट में नहर निर्माण को लेकर ग्रामीणों ने नहरी विभाग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग कुछ प्रभावशाली लोगों के दबाव में आकर गरीब किसानों की जमीनों से जबरन नहर निकालना चाहता है। प्रदर्शन के दौरान नंबरदार गुरजीत सिंह और सरपंच मस्सू सिंह भग्गू पुर बेट ने बताया कि पहले से अधिगृहीत की गई और मुआवजा प्राप्त जमीनों से नहर निकालने के बजाय, विभाग ने गरीब किसानों की भूमि को निशाना बनाया है। किसानों की जमीन से निकाली जा रही नहर ग्रामीणों ने कहा कि जिन परिवारों की जमीनों से नहर निकाली जा रही है, वे अनुसूचित वर्ग से संबंधित हैं और उनके पास केवल एक या आधा किला ही जमीन है। नहर निर्माण से उनकी रोजी-रोटी छिन जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी, कि यदि नहरी विभाग ने अपनी मनमानी बंद नहीं की, तो वे किसान संगठनों के साथ मिलकर धरना प्रदर्शन करेंगे और नहर नहीं बनने देंगे। किसी के साथ जबरदस्ती नहीं- अधिकारी मामले में नहरी विभाग के उप-मंडल अधिकारी जसबीर सिंह ने आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी के साथ कोई जबरदस्ती नहीं की जा रही है। जसबीर सिंह के अनुसार, वर्ष 1988 की बाढ़ के कारण यह नहर बह गई थी, जिससे कई स्थानों पर इसका अस्तित्व समाप्त हो गया था और किसानों ने वहां खेती शुरू कर दी थी। नियमानुसार पूरा मुआवजा मिलेगा अधिकारी ने बताया कि नहर की निशानदेही में थोड़ा फर्क जरूर पड़ा था, जिसे अब दोबारा दुरुस्त किया जा रहा है। उन्होंने आश्वस्त किया कि नहर उसी जगह से निकाली जा रही है, जहां से वह पहले गुजरती थी और जिन किसानों की जमीन आएगी, उन्हें नियमानुसार पूरा मुआवजा दिया जाएगा। इस मौके पर किंधर सिंह, सतनाम सिंह, कुलवंत सिंह, सत्ता सिंह, लखा सिंह, प्रीतम सिंह, दिलप्रीत सिंह, करनैल सिंह, हरभजन सिंह, सुखदेव सिंह और सुक्खा सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।