पंजाबी गायक हरभजन मान अमृतसर पहुंचे:सच्चखंड श्री दरबार साहिब में मत्था टेक गुरु का आशीर्वाद लिया

बीती देर रात जाने-माने पंजाबी गायक, अभिनेता और फिल्म निर्माता हरभजन मान पवित्र स्थल सच्चखंड श्री दरबार साहिब, अमृतसर पहुंचे, जहां उन्होंने मत्था टेककर गुरु घर में हाजिरी लगाई। इस दौरान हरभजन मान ने गुरु साहिब के चरणों में शीश नवाकर देश-दुनिया में सुख-शांति, अमन और भाईचारे की कामना की। दरबार साहिब पहुंचते ही हरभजन मान ने श्रद्धा भाव के साथ परिक्रमा की और गुरबाणी के दिव्य कीर्तन को सुनते हुए कुछ समय आत्मिक शांति में बिताया। मान बेहद सादगी के साथ श्री दरबार साहिब पहुंचे और आम संगत की तरह गुरु घर में माथा टेककर आशीर्वाद लिया। गौरतलब है कि हरभजन मान अपनी गायकी के माध्यम से पंजाबी संस्कृति को देश-विदेश में पहचान दिलाने वाले कलाकारों में अग्रणी माने जाते हैं। बीती देर रात गुरु घर में उनकी यह हाजिरी श्रद्धा और आस्था का प्रतीक बनी। 1980 में की सिंगिंग की शुरुआत हरभजन मान एक जाने-माने पंजाबी गायक, अभिनेता और फिल्म निर्माता हैं। उनका जन्म 30 दिसंबर 1965 को पंजाब के बठिंडा जिले के गांव खेमुआना में हुआ था। हरभजन ने अपने सिंगिंग करियर की शुरुआत 1980 में की थी। हालांकि, उनकी पेशेवर सिंगिंग की शुरुआत 1992 में पंजाबी गाने "चिट्ठिये नीं चिट्ठिये" से हुई। हरभजन मान को असली पहचान तब मिली, जब 1999 में उनकी एल्बम "ओए-होए" को टी-सीरीज और एमटीवी इंडिया की तरफ से प्रमोट किया गया। इसके बाद उन्होंने "जग ज्योंदिया दे मेले", "वधाइयां जी वधाइयां", "नचलै", "हाये मेरी बिल्लो", "सतरंगी पींघ" और "मौज मस्तियां" जैसे हिट गाने दिए। उन्होंने 2002 में पंजाबी फिल्म "जी आयां नूं" से फिल्मों में एंट्री ली थी। इसके बाद उन्होंने "असां नूं मान वतना दा", "दिल अपणा पंजाबी", "मिट्‌टी वाजां मारदी", "मेरा पिंड-माई होम", "जग ज्योंदियां दे मेले" और "हीर-रांझा" जैसी फिल्में कीं। 2013 में उन्होंने छोटे भाई गुरसेवक मान के साथ मिलकर एक गीत रिलीज किया।