सिद्धू की नई शायरी में आग:रुतबा और खेल खत्म का संदेश, विरोधियों पर सीधा हमला, सियासी गलियारों में चर्चा तेज
- Admin Admin
- Jan 09, 2026
पूर्व क्रिकेटर और कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू की शायरी अक्सर उनके हल्के-फुल्के और चुटीले अंदाज के लिए जानी जाती है, लेकिन इस बार उनकी शायरी का अंदाज कुछ अलग और कड़वा नजर आया। हाल ही में सामने आई उनकी एक शायरी को सियासी गलियारों में विरोधियों पर सीधा हमला माना जा रहा है। इस शायरी में नवजोत सिंह सिद्धू कहते हैं। आग लगाने वाले को क्या खबर, रुख हवाओं ने बदला, खाक वो भी हो गए। अब बात रुतबे की है, चाल भी बढ़ी… और खेल भी खत्म। सियासी गलियारों में तेज हुई चर्चा सिद्धू की इस शायरी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह शेर सीधे तौर पर उनके विरोधियों को चेतावनी देने जैसा है। शायरी में सत्ता, ताकत और समय के बदलते मिजाज की ओर इशारा साफ झलकता है। हाल के दिनों में सिद्धू लगातार सक्रिय नजर आ रहे हैं और उनके बयानों में पहले के मुकाबले ज्यादा तीखापन दिख रहा है। उनकी यह शायरी भी उसी बदले हुए तेवर को दर्शाती है। समर्थकों का कहना है कि सिद्धू सच को शायरी के अंदाज में बयां कर रहे हैं, जबकि विरोधी इसे राजनीतिक तंज और दबाव बनाने की कोशिश मान रहे हैं।



