SGPC के पूर्व ऑडिटर सतिंदर कोहली गिरफ्तार:पावन स्वरूप लापता होने का केस, अमृतसर कोर्ट से 5 दिन की पुलिस रिमांड

अमृतसर में श्री गुरु ग्रंथ साहिब के 328 पावन स्वरूपों के लापता होने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के पूर्व आंतरिक ऑडिटर और चार्टर्ड अकाउंटेंट सतिंदर सिंह कोहली को आज कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्हें 5 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस सतिंदर सिंह कोहली से गहन पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि 328 पावन स्वरूपों से जुड़ा यह मामला कब, कैसे और किन परिस्थितियों में सामने आया, और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे। सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के आधार पर आने वाले दिनों में और भी खुलासे तथा नई गिरफ्तारियां हो सकती हैं। ऑडिट रिपोर्ट में गंभीर लापरवाही यह मामला वर्ष 2020 से लगातार चर्चा में है। उस समय श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा गठित एक जांच समिति ने अपनी ऑडिट रिपोर्ट में गंभीर लापरवाहियां उजागर की थीं। जांच में सामने आया था कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब के पावन स्वरूपों के रिकॉर्ड, रख-रखाव और नियंत्रण प्रणाली में भारी खामियां थीं, जिन पर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया। चार में से मात्र एक काम को पूरा किया जानकारी के अनुसार, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने 2009 में 'एसएस कोहली एंड एसोसिएट्स' नामक फर्म को आंतरिक ऑडिट, खातों के कंप्यूटरीकरण और नियंत्रण प्रणाली के लिए नियुक्त किया था। इस फर्म को प्रति माह 3.5 लाख रुपए का भुगतान किया जा रहा था। जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि फर्म को चार महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं, लेकिन उसने केवल एक ही कार्य को पूरा किया। इसी लापरवाही के कारण पावन स्वरूपों के गबन को समय रहते रोका नहीं जा सका। सुखबीर बादल का करीबी माना जाता है इस मामले में एक राजनीतिक पहलू भी सामने आया है। सतिंदर सिंह कोहली को शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता सुखबीर सिंह बादल का करीबी चार्टर्ड अकाउंटेंट माना जाता है। कोहली उनके निजी खातों के साथ-साथ एसजीपीसी से जुड़े खातों का काम भी संभालते रहे हैं। बादल परिवार से जुड़े मामले में जारी की गई थी ​नोटिस इतना ही नहीं, वर्ष 2003 में पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने बादल परिवार से जुड़े कथित काले धन को सफेद करने के आरोपों में सतिंदर सिंह कोहली के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी जारी किए थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ की जा रही है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का दावा है कि यह जांच न सिर्फ जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान करेगी, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने में भी अहम साबित होगी।