बठिंडा में बंद रहे बाजार:दुकानदारों ने निकाला रोष मार्च, सरकार का पुतला फूंका, बस स्टैंड स्थानांतरित करने का विरोध
- Admin Admin
- Jan 06, 2026
बठिंडा में बस स्टैंड बचाओ संघर्ष कमेटी ने शहर के कई बाजारों को बंद कर सरकार के खिलाफ विरोध- प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन बठिंडा बस स्टैंड को शहर से बाहर स्थानांतरित करने के सरकार के प्रस्ताव के विरोध में किया गया। इस दौरान रोष मार्च निकाल कर सरकार का पुतला दहन किया गया। कमेटी के अध्यक्ष बलतेज सिंह और गुरप्रीत सिंह आर्टिस्ट ने बताया कि वे 200 दिनों से अधिक समय से विरोध कर रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों पर कोई सुनवाई नहीं हुई है। उनकी मुख्य मांग है कि बठिंडा बस स्टैंड को उसके वर्तमान स्थान पर ही रखा जाए। कमेटी का तर्क है कि वर्तमान बस स्टैंड के पास ही सभी सरकारी कार्यालय, कॉलेज, सिविल अस्पताल और अन्य महत्वपूर्ण सुविधाएं स्थित हैं। बस स्टैंड को स्थानांतरित करने से स्थानीय लोगों और व्यापारियों के काम-धंधे प्रभावित होंगे। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी मांगें विभिन्न विधायकों, सांसदों और चेयरमैन को सौंपी हैं, जिन्होंने उन्हें पूरा समर्थन देने का आश्वासन दिया है। 10 एकड़ जमीन पर बनेगा नया बस स्टैंड उन्होंने कहा कि, सरकार ने थर्मल प्लांट वाली जगह पर 10 एकड़ जमीन में नया बस स्टैंड बनाने का प्रस्ताव दिया है। कमेटी का कहना है कि वर्तमान बस स्टैंड 14 एकड़ में फैला है, जबकि प्रस्तावित नया स्थान छोटा है। उनका यह भी आरोप है कि नए स्थान का चयन किसी खास व्यक्ति की कॉलोनियों को फायदा पहुंचाने के लिए किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के उस बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि सरकार लोगों से पूछकर ही कोई फैसला लेगी। उनका कहना है कि बठिंडा बस स्टैंड के स्थानांतरण के संबंध में किसी भी हितधारक से कोई परामर्श नहीं किया गया है। इस संघर्ष में किसान संगठन, मजदूर संगठन, शिक्षक संगठन, छात्र संगठन, डॉक्टर और कई अन्य निजी संगठन शामिल हैं। सभी की एक ही मांग है कि बठिंडा बस स्टैंड को उसके वर्तमान स्थान पर ही विकसित किया जाए। यहां देखिए फोटो...



