नशा मुक्ति केंद्र से फरार युवक का मिला शव:अबोहर के दोस्त संग भागा था; परिजनों का संचालकों पर आरोप

फाजिल्का जिले के अबोहर के सीतो रोड पर मिले अज्ञात युवक के शव की पहचान देर शाम मनोज कुमार पुत्र गुरजीत सिंह निवासी चक सैदो-के फाजिल्का के तौर पर हुई है। वह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था और मटीली के एक निजी नशा मुक्ति केंद्र में इलाज करवा रहा था। उसका शव नए साल की सुबह अबोहर के सुनसान इलाके में लावारिस हालत में पड़ा मिला था। मनोज दो दिन पहले अबोहर के अपने एक दोस्त के साथ नशा मुक्ति केंद्र से भाग निकला था, उसका अबोहर का दोस्त अभी भी लापता है और उसका कोई पता नहीं चल पाया है। मृतक के परिजनों ने नशा मुक्ति केंद्र के संचालकों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि केंद्र की लापरवाही के कारण ही उनके बेटे की जान गई है। परिजनों को सोशल मीडिया से मिली सूचना युवक की माता गुरमीत कौर और चाची सुमित्रा ने फाजिल्का से आकर सोशल मीडिया के माध्यम से शव मिलने की खबर सुनी। उन्होंने बताया कि मनोज कुमार की आयु करीब 21 साल थी और वह पांचवीं पास था। पढ़ाई छोड़ने के बाद वह कोई काम नहीं करता था और गलत संगत में पड़कर नशे का आदी हो गया था। उसके पिता गुरजीत सिंह ट्रक चलाने का काम करते हैं। नशे की दलदल में फंसता देख केंद्र में भेजा मनोज को नशे की दलदल में धंसता देख, परिजनों ने नवंबर 2024 में उसे मटीली (सादुलशहर, राजस्थान) के एक निजी नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया था। वे केंद्र के संचालकों को 10 हजार रुपए मासिक शुल्क भी अदा करते थे, ताकि उनका बेटा नशे की चंगुल से बाहर आ सके। परिजनों ने की शव की पहचान गुरमीत कौर ने बताया कि दो दिन पहले यानी 29 नवंबर को उन्हें सेंटर वालों ने फोन करके बताया कि उनका बेटा अबोहर के गुरलाल सिंह के साथ सेंटर से फरार हो गया। जिस पर उन्होंने अबोहर के गुरलाल की मां से अपने बेटे मनोज के बारे में पूछा, उन्होंने बताया कि उनका बेटा यहां नहीं आया, इसके बाद गुरलाल की मां ने आज सोशल मीडिया पर युवक का शव मिलने का समाचार उन्हें फोन पर भेजा, तो वह मनोज का ही शव था। जिसे देखकर उनके पांवों के नीचे से जमीन खिसक गई। जिसके बाद परिजन तुरंत अबोहर अस्पताल की मॉर्च्युरी में पहुंचे और उसकी पहचान की। इकलौते बेटे की मौत का संचालक जिम्मेवार- परिजन परिजनों ने कहा कि उनके इकलौते बेटे की मौत के लिए सेंटर के संचालक जिम्मेवार हैं, जिनको उन्होंनें अपना बेटा सौंप रखा था और यह उनकी कस्टडी से फरार हो गया, तो यह उनकी जिम्मेवारी बनती है, इसलिए सेंटर संचालकों पर कानूनी कार्रवाई की जाए। इधर जीआरपी के एएसआई अजीत कुमार ने परिवार के बयान दर्ज किए। उन्होंने कहा कि मृतक का कल सुबह पोस्टमॉर्टम करवाया जाएगा। जिसके बाद उसकी मौत के कारणों का पता चल पाएगा और मृतक के परिजनों के बयानों के आधार पर ही आगे की बनती कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।