101 कन्याओं का होगा सम्मान, नन्हीं परियों के बनेंगे आधार कार्ड और नुक्कड़ नाटक से गूंजेगा "बेटी बचाओ' का संदेश
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- Jan 07, 2026
भास्कर न्यूज | जालंधर सिटी की अलग-अलग संस्था व सोसायटियों द्वारा लोहड़ी का त्योहार 13 जनवरी दिन मंगलवार को हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। शादी और बच्चे के होने के बाद पहली लोहड़ी की धूम खासतौर पर होती है। घरों में लोहड़ी को लेकर अभी से तैयारियां शुरू हो गई है। बच्चे घूम-घमकर सभी से लोहड़ी मांगते है, लोहड़ी पर तिल और गुड़ खाने की परंपरा है। लोहड़ी सिखों और पंजाबी हिंदुओं का मुख्य पर्व हैं। लोग रात में अलाव जलाकर लोहड़ी का पर्व मनाते हैं, साथ ही अलाव के आसपास पारंपरिक वस्त्र पहनकर नृत्य करते है। असल में लोहड़ी के पर्व को मुख्य रूप से नई फसल आने की खुशी में मनाया जाता है। पर्व को लेकर लोगों में रेवड़ी और मूंगफली की खरीदारी का खासा क्रेज दिख रहा है। लोहड़ी सांस्कृतिक उत्सव पं. गौतम भार्गव ने बताया कि लोहड़ी एवं मकर संक्रांति एक-दूसरे से जुड़े रहने के कारण सांस्कृतिक उत्सव और धार्मिक पर्व का एक अद्भुत त्योहार है। लोहड़ी पर्व का महत्व बताते हुए कहा कि पर्व बड़े-बुजुर्गों के साथ उत्सव मनाते हुए नई पीढ़ी के बच्चे अपनी पुरानी मान्यताओं एवं रीति-रिवाजों का ज्ञान प्राप्त कर लेते हैं ताकि भविष्य में भी पीढ़ी-दर-पीढ़ी उत्सव चलता ही रहे। ढोल की थाप के साथ गिद्दा नाच का यह उत्सव शाम होते ही शुरू हो जाता है और देर रात तक चलता ही रहता है। इसको लेकर नवविवाहितों में भी उत्साह रहता है। हमसफर यूथ क्लब के मुख्य अध्यक्ष रोहित भाटिया ने बताया कि संस्था द्वारा 8 जनवरी को दोआबा कॉलेज में लोहड़ी का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। जिसमें संस्था द्वारा 101 बेटियों को सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में बेटी बचाओं पर नुक्कड़ नाटक, सभ्याचारक कार्यक्रम और इसके अलावा नवजात बेटियों का आधार कार्ड बनवाया जाएगा। माई हीरां गेट में लंगर श्री बालाजी धाम थापरां मोहल्ला के मुख्य सेवादार गौरव थापर ने बताया कि टीम सदस्यों की ओर से 13 जनवरी को माई हीरां गेट रोड पर लोहड़ी सेलीब्रेट की जाएगी। स र्दी के मौसम को ध्यान में रखते हुए सुबह 6 बजे से लोगों के लिए चाय पकौड़ों की लंगर सेवा शुरू हो जाएगी। राहगीरों के साथ रेवड़ी और मूंगफली बांट कर पर्व को मनाया जाएगा। इसके अलावा शाम को मंदिर परिसर में भजनों का गुणगान व लोक गीत गाकर धीयां दी लोहड़ी मनाएंगे। दिव्य दृष्टि के अध्यक्ष प्रवीण अबरोल ने कहा कि लोहड़ी पर्व के उपलक्ष्य में संस्था की ओर से बुजुर्गों को गर्म व ऊनी वस्त्र, बच्चों को स्टेशनरी व खाद्य सामग्री बांटकर त्योहार बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस बार 10 जनवरी को चानन वोकेशनल एवं फिजियोथेरेपी सेंटर नजदीक वडाला चौक में स्पैशल बच्चों के साथ पर्व मनाया जाएगा। सनातन धर्म के मुताबिक जरूरतमंद को अन्न का दान देना सबसे उत्तम कर्म है। मानवता की सेवा सबसे उत्तम कर्म है, जिसे उक्त संस्था द्वारा बखूबी निभाया जाएगा। उन्होंने बताया कि पंजाबी समाज में इस पर्व की तैयारी कई दिनों पहले ही शुरू हो जाती है। इसका संबंध मन्नत से जोड़ा गया है अर्थात जिस घर में नई बहू आई होती है या घर में संतान का जन्म हुआ होता है, तो उस परिवार की ओर से खुशी बांटते हुए लोहड़ी मनाई जाती है। सगे-संबंधी और रिश्तेदार उन्हें इस दिन विशेष सौगात के साथ बधाइयां भी देते हैं। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और जड़ों से जोड़ना है। आयोजन के दौरान बुजुर्ग न केवल बच्चों को लोहड़ी से जुड़ी पौराणिक कथाएं सुनाएंगे, बल्कि उन्हें "सुंदर मुंदरिये हो!" जैसे पारंपरिक लोकगीत भी सिखाएंगे।



