अजमेर में 814वां उर्स-ए-ख्वाजा गरीब नवाज:सर्व धर्म समभाव और इंसानियत का संदेश, 300 से अधिक सेवादारों ने की मानव सेवा

अजमेर शरीफ दरगाह में आयोजित 814वें उर्स-ए-ख्वाजा गरीब नवाज (र.अ.) के पावन अवसर पर सर्व धर्म ख्वाजा मंदिर और सूफी इस्लामिक बोर्ड की ओर से खिदमत-ए-खल्क (मानव सेवा) का भव्य और अनुकरणीय सेवा अभियान चलाया गया। इस आयोजन के जरिए सर्व धर्म समभाव, राष्ट्रीय एकता और इंसानियत को सर्वोपरि रखने का सशक्त संदेश दिया गया। पंजाब से विशेष रूप से पहुंचे सर्व धर्म ख्वाजा मंदिर के प्रतिनिधियों ने देशभर से आए जायरीन और श्रद्धालुओं की निःस्वार्थ सेवा की। यह पूरा सेवा अभियान डॉ. सूफी राज जैन (संस्थापक एवं अध्यक्ष, सर्व धर्म ख्वाजा मंदिर और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, उत्तर भारत – सूफी इस्लामिक बोर्ड) के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। उनका कहना है कि राष्ट्र पहले और इंसानियत हमारी सबसे बड़ी पहचान है। उर्स के दौरान ठहराव, लंगर, शरबत वितरण, प्राथमिक चिकित्सा, स्वच्छता, यातायात व्यवस्था और मार्गदर्शन जैसी सभी व्यवस्थाएं की गईं। इसमें देश के विभिन्न राज्यों से आए लगभग 300 से अधिक सेवादारों ने हिस्सा लिया। खास बात यह रही कि अलग-अलग धर्मों से जुड़े सेवादारों ने कंधे से कंधा मिलाकर सेवा की, जो सर्व धर्म समभाव का जीवंत उदाहरण बना। इस मौके पर अजमेर शरीफ दरगाह कमेटी के नाजिम बिलाल खान, असिस्टेंट नाजिम डॉ. आदिल और अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग के लिए संस्था की ओर से आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम की सफलता पर सूफी इस्लामिक बोर्ड के अध्यक्ष मंसूर खान और डॉ. सूफी राज जैन ने सभी सेवादारों का धन्यवाद किया। सेवा अभियान अमन, मोहब्बत, भाईचारे और भारतीय संस्कृति की परंपरा का प्रतीक बनकर उभरा। अंत में ख्वाजा गरीब नवाज (र.अ.) से दुआ की गई कि वे अपनी रहमत से पूरी मानवता को नवाजते रहें और सेवा के ऐसे अवसर बार-बार प्रदान करें।