कनाडा ने बुजुर्गों की PR पर लगाई रोक:हर साल 6 हजार पंजाबी करते हैं अप्लाई, 2028 तक रोक, नए घरों की आ रही दिक्कत

कनाडा ने वीजा नियमों में बदलाव किया है। इसके तहत अब बुजुर्गों के परमानेंट रेसिडेंस वीजा पर रोक लगा दी गई है। हालांकि अभी भी इनके पास सुपर वीजा का आप्शन खुली रहेगी। इसके तहत 5 साल तक लगातार कनाडा में रहा जा सकता है। कनाडा इमिग्रेंट डिपार्टमेंट ने केवल बुजुर्गों की PR पर रोक लगाई है। कनाडा जाने पर रोक नहीं है। अगर वे घूमने या कुछ समय तक जाना चाहते हैं तो ऐसे वीजा पर कोई रोक नहीं रहेगी। कनाडा सरकार 2025-2027 के लिए PR की संख्या कम कर रही है। इस कटौती के तहत माता-पिता और दादा-दादी को बुलाने वाले प्रोग्राम (PGP) के नए आवेदनों को रोका गया है। 2025 में PGP के तहत नए आवेदन नहीं लिए जा रहे हैं; केवल 2024 में सब्मिट किए गए आवेदनों को ही प्रोसेस किया जाएगा। साल 2024 में, कनाडा ने माता-पिता और दादा-दादी कार्यक्रम (PGP) के तहत लगभग 27,330 नए PR वीजा दिए गए। हर साल 6 हजार पंजाबी बुजुर्ग करते हैं PR के लिए अप्लाई कनाडा में दूसरे देशों से आकर रहने वाले लोग अपने बुजुर्गों को यहां बुलाते हैं। हर साल लगभग 25 से 30 हजार बुजुर्गों को PR मिलती है। इसमें 6 हजार के लगभग पंजाबी बुजुर्ग शामिल होते हैं। कनाडा के इमिग्रेशन डिपार्टमेंट के अनुसार इस वक्त कनाडा में कुल 81 लाख के करीब लोग ऐसे हैं जिनकी उम्र 65 साल से ज्यादा है। कनाडा सरकार का कहना है कि ये रोक 2026-2028 तक के लिए है। इसके बाद रिव्यू किया जाएगा। समीक्षा के बाद PGP प्रोग्राम को दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया जाएगा। केयरगिवर प्रोग्राम पर भी लगाई गई रोक दिसंबर 2025 में कनाडा ने 'होम केयर वर्कर' पायलट प्रोग्राम को भी अगले आदेश तक रोक दिया है। यह प्रोग्राम उन लोगों के लिए था जो बुजुर्गों या बच्चों की देखभाल के लिए कनाडा जाना चाहते थे। अब यह मार्च 2026 में दोबारा नहीं खुलेगा। नए घरों की समस्या के चलते लगाई गई रोक कनाडा सरकार ने अपनी इमिग्रेशन पॉलिसी 2026-2028 के तहत इमिग्रेशन की संख्या को सीमित करने का फैसला किया है। इसका मुख्य कारण आवास की कमी (Housing shortage) और सेहत सेवाओं पर बढ़ता दबाव बताया जा रहा है।