जालंधर के नकोदर में मनरेगा नाम बदलने का विरोध:विधायक के नेतृत्व में प्रदर्शन, केंद्र सरकार पर मजदूरों के अधिकार छीनने का लगाए आरोप
- Admin Admin
- Jan 09, 2026
मनरेगा योजना का नाम केंद्र सरकार की ओर से बदले जाने को लेकर पंजाब में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। इसी मुद्दे को लेकर आज नकोदर में आम आदमी पार्टी की विधायक इंद्रजीत कौर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे और भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण रोजगार योजना का नाम बदलकर और उसमें बदलाव करके केंद्र सरकार गरीब मजदूरों के हितों के साथ खिलवाड़ कर रही है। विधायक ने कहा कि इस योजना से लाखों गरीब परिवारों को रोजगार मिल रहा था, लेकिन अब किए गए बदलावों से मजदूरों का भविष्य खतरे में पड़ सकता है। इसी के विरोध में यह प्रदर्शन किया गया है। विधायक इंद्रजीत कौर ने कहा कि मनरेगा योजना केवल एक योजना नहीं, बल्कि गरीबों के लिए जीवन रेखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने मनरेगा का नाम बदलकर “जी राम जी योजना” रख दिया और उसके साथ कई अहम बदलाव कर दीं। विधायक ने कहा कि भगवान सभी के हैं, लेकिन भगवान के नाम पर योजनाओं का नाम रखकर उसमें ऐसे बदलाव करना, जिनका सीधा असर गरीब मजदूरों पर पड़े, बिल्कुल गलत है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार की ओर से इस मुद्दे को लेकर विशेष सत्र बुलाया गया था और इस बिल को पंजाब में रद्द भी कर दिया गया है, इसके बावजूद केंद्र सरकार अपने फैसले पर अड़ी हुई है। मनरेगा योजना केंद्र सरकार खत्म करना चाहती विधायक ने आगे कहा कि मनरेगा योजना में किए गए बदलावों का मतलब साफ है कि केंद्र सरकार इस योजना को धीरे-धीरे खत्म करना चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार देश में करोड़ों गरीबों के चूल्हे बंद करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने किसानों के आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि इससे पहले केंद्र सरकार ने तीन कृषि कानून लागू किए थे, जिनके विरोध में कई किसानों की जान चली गई। लंबे संघर्ष के बाद आखिरकार केंद्र सरकार को वे काले कानून वापस लेने पड़े। जहां बीजेपी की सरकार नहीं ,वहां जानबूझकर भेदभाव किया जा रहा उन्होंने यह भी कहा कि भले ही केंद्र सरकार ने मनरेगा के तहत काम के दिनों को 100 से बढ़ाकर 125 कर दिया हो, लेकिन अगर मजदूरों को काम ही नहीं मिलेगा, तो इससे कोई फायदा नहीं होने वाला। विधायक का कहना था कि नई व्यवस्था के तहत अब राज्यों को मजदूरों के काम को लेकर फैसला लेने का अधिकार नहीं रहेगा, बल्कि यह अधिकार पूरी तरह केंद्र सरकार के पास होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन राज्यों में भाजपा की सरकार नहीं है, वहां जानबूझकर भेदभाव किया जा रहा है। योजना में किए गए बदलावों मजदूरों का नुकसान विधायक इंद्रजीत कौर ने बताया कि पंजाब में बड़ी संख्या में परिवार ऐसे हैं, जिनका पालन-पोषण महिलाएं कर रही हैं और मनरेगा योजना उनके लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि योजना में किए गए बदलावों से सबसे ज्यादा नुकसान गरीब मजदूरों और महिलाओं को होगा। इसी के विरोध में यह प्रदर्शन किया गया है और जब तक केंद्र सरकार इन तबदीलियों को रद्द नहीं करती, तब तक आम आदमी पार्टी और पंजाब सरकार की ओर से इसका विरोध जारी रहेगा।



