पंजाब रोडवेज कच्चे मुलाजिमों की दो घंटे गेट रैली:पर्चे रद्द करने की मांग, बस सेवाएं रहीं सामान्य, सरकार को 9 तारीख तक चेतावनी
- Admin Admin
- Jan 06, 2026
जालंधर सहित पूरे पंजाब में पंजाब रोडवेज के कच्चे मुलाजिम यूनियन की ओर से अपनी मांगों को लेकर दो घंटे की गेट रैली की गई है। यह गेट रैली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित की गई, जिसमें कर्मचारियों ने शांतिपूर्ण ढंग से सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। यूनियन ने स्पष्ट किया है कि इस दौरान किसी प्रकार का चक्का जाम नहीं किया गया और बस सेवाएं रोजाना की तरह सामान्य रूप से जारी रहीं। जानकारी के अनुसार पंजाब रोडवेज के कच्चे मुलाजिम लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। इसी कड़ी में यूनियन के आह्वान पर शुक्रवार को जालंधर समेत पंजाब भर के डिपो में दो घंटे की गेट रैली की गई। सुबह 10 बजे से 12 बजे तक कर्मचारियों ने अपने-अपने डिपो के गेट पर एकत्र होकर सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी मांगों को दोहराया। कर्मचारियों पर पुलिस द्वारा दर्ज किए थे पर्चे यूनियन नेताओं ने बताया कि इससे पहले भी कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया था, लेकिन उस दौरान कई कर्मचारियों पर पुलिस द्वारा पर्चे दर्ज कर दिए गए थे। यूनियन का कहना है कि यह पर्चे पूरी तरह से गलत हैं और इन्हें तुरंत रद्द किया जाना चाहिए। कर्मचारियों का आरोप है कि उन्होंने लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाई थी, इसके बावजूद उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई, जो निंदनीय है। सरकार जल्द निकाले समाधान इसके साथ ही कर्मचारियों ने किलोमीटर बस सर्विस से जुड़ी अपनी मांगों को भी प्रमुखता से उठाया। यूनियन का कहना है कि यदि उनकी इन मांगों को पूरा किया जाता है तो इससे न केवल कर्मचारियों को राहत मिलेगी, बल्कि आम यात्रियों को भी बेहतर और सुचारू बस सेवा मिल सकेगी। उन्होंने सरकार से अपील की कि वह कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से ले और जल्द समाधान करे। बसे समान्य रूप से चल रही यूनियन ने साफ शब्दों में कहा कि फिलहाल आज केवल गेट रैली की जा रही है और किसी भी प्रकार का चक्का जाम नहीं किया गया है। इसी कारण प्रदेश भर में बसें सामान्य रूप से चल रही हैं और यात्रियों को किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। हालांकि यूनियन ने चेतावनी भी दी है कि यदि उनकी मांगों को नजरअंदाज किया गया और पर्चे रद्द नहीं किए गए, तो 9 तारीख को और भी तीखा संघर्ष किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।



