मनरेगा पर राजेश बाघा का मान सरकार पर हमला:बोले–125 दिन रोजगार कानून का विरोध क्यों, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी भत्ता और ऑडिट पर सवाल

भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश बाघा ने जालंधर के प्रेस क्लब में मनरेगा को लेकर आयोजित प्रेस वार्ता में पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम 2025 के तहत ग्रामीण मजदूरों को 125 दिन का रोजगार देने का प्रावधान है, इसके बावजूद मुख्यमंत्री भगवंत मान इस मजदूर हितैषी कानून का विरोध कर रहे हैं। राजेश बाघा ने मनरेगा में रोजगार, बेरोजगारी भत्ता, सोशल ऑडिट और भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए राजेश बाघा ने कहा कि वी.बी.-जी.आर.ए.एम.जी एक्ट 2025 के तहत अब ग्रामीण मजदूरों को 100 की बजाय 125 दिन का रोजगार मिलेगा और समय पर काम न मिलने की स्थिति में बेरोजगारी भत्ता देने का प्रावधान पहले की तरह लागू रहेगा। उन्होंने सवाल उठाया कि जब यह कानून मजदूरों के हित में है तो मुख्यमंत्री भगवंत मान इसका विरोध क्यों कर रहे हैं। पंजाब सरकार पर लगाया गंभीर आरोप राजेश बाघा ने आरोप लगाया कि पंजाब की आप सरकार मौजूदा मनरेगा कानून के तहत भी पिछले तीन वर्षों से मजदूरों को 100 दिन का रोजगार देने में पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने कहा कि मनरेगा कानून के अनुसार मजदूर द्वारा काम मांगे जाने के 15 दिनों के भीतर रोजगार देना अनिवार्य है, अन्यथा बेरोजगारी भत्ता दिया जाना चाहिए, लेकिन पंजाब सरकार न तो समय पर काम दे रही है और न ही बेरोजगारी भत्ता। उन्होंने बताया कि मनरेगा की धारा 25 के तहत ऐसी स्थिति में जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन मुख्यमंत्री बताएं कि प्रदेश के 23 जिलों में अब तक कहां-कहां कार्रवाई की गई है। अनुसूचित जाति के मजदूरों से जुड़े मामलों में एससी एक्ट के तहत कार्रवाई अनिवार्य होने के बावजूद सरकार ने किसी भी दोषी अधिकारी पर कार्रवाई नहीं की। ऑडिट को लेकर खड़े किए सवाल राजेश बाघा ने आरोप लगाया कि मनरेगा में हो रहे भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़े को छिपाने के लिए अनिवार्य सोशल ऑडिट तक नहीं कराया जा रहा। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024-25 में 6,095 ग्राम पंचायतों और 2025-26 में 7,389 ग्राम पंचायतों का सोशल ऑडिट नहीं हुआ। वहीं, स्पेशल ऑडिट यूनिट द्वारा पकड़े गए भ्रष्टाचार के 3,986 मामलों पर अब तक कोई एक्शन टेकन रिपोर्ट जारी नहीं की गई है। पंजाब सरकार जनता को गुमराह कर रही है राजेश बाघा ने केंद्र सरकार पर 23,446 करोड़ रुपए बकाया होने के दावे को झूठा बताते हुए कहा कि पंजाब सरकार जनता को गुमराह कर रही है। उन्होंने वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा पर आरोप लगाया कि वे ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज पर स्थायी समिति (2024–2025) की रिपोर्ट के आंकड़ों को गलत तरीके से पेश कर रहे हैं, जबकि उसी रिपोर्ट के अगले पन्ने में स्पष्ट है कि वर्ष 2024–25 में किसी भी राज्य की मनरेगा मजदूरी का कोई बकाया नहीं है। इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष सुशील शर्मा, जिला महामंत्री राजेश कपूर, पूर्व विधायक शीतल अंगुराल और जगबीर बराड़ भी मौजूद रहे।