भास्कर न्यूज | जालंधर नगर निगम ने मंगलवार को नेशनल हाईवे की सर्विस लेन में पैदल यात्रियों और वाहन चालकों के लिए उत्पन्न हो रहे खतरों को देखते हुए हाईवे अथॉरिटी को पत्र भेजकर नवनिर्माण कराने के निर्देश दिए हैं। इसी दिन डीसी कार्यालय में रोड सेफ्टी कमेटी की बैठक भी प्रस्तावित थी, जिसमें हाईवे की खराब सर्विस लेन और बंद ट्रैफिक सिग्नलों को एजेंडा में शामिल किया जाना था, लेकिन यह बैठक रद्द हो गई। इसकी नई तारीख अभी तय नहीं हो पाई है। इससे पहले सड़कों की सफाई अभियान के तहत नगर निगम के सहायक आयुक्त विक्रांत वर्मा और कार्यकारी अभियंता सुखविंदर सिंह डंप, बंद सीवरेज सहित अन्य समस्याओं का जायजा लेने पहुंचे, तो नेशनल हाईवे अथॉरिटी की लापरवाही भी सामने आई। इसके बाद तुरंत ट्रांसपोर्ट नगर की सर्विस लेन को दुरुस्त करने के लिए अथॉरिटी को पत्र जारी किया गया। दूसरी ओर, दैनिक स्टेट समाचार की टीम ने ट्रांसपोर्ट नगर से संजय गांधी नगर तक नेशनल हाईवे की सर्विस लेन के करीब दो किलोमीटर लंबे हिस्से का निरीक्षण किया। इसमें पाया गया कि शहर के भीतर से गुजरने वाले जालंधर-लुधियाना नेशनल हाईवे (एनएच-44) का सबसे ज्यादा क्षतिग्रस्त हिस्सा इसी दो किलोमीटर के दायरे में है। इन दिनों घना कोहरा पड़ने से रात के समय दृश्यता लगभग शून्य हो जाती है, ऐसे में सर्विस लेन पर मौजूद एक से डेढ़ फीट गहरे गड्ढे वाहन चालकों को दिखाई नहीं देते, जिससे उन्हें तेज झटके लगते हैं। ट्रांसपोर्ट नगर से फोकल पॉइंट तक सर्विस लेन पर दस मीटर का सफर भी धूल-मिट्टी और गड्ढों के बिना तय करना मुश्किल है। वहीं, सईपुर से संजय गांधी नगर तक सड़क कच्ची हालत में है। यहां केवल मिट्टी बिछाई गई है, सड़क का निर्माण नहीं हुआ है। रोजाना वाहनों की कतारें फोकल प्वाइंट अंडरपास तक लग रही हैं। सड़क की बदहाली के कारण वाहन धीमी गति से चलते हैं और गड्ढों में फंस जाते हैं, जिससे लगातार जाम की स्थिति बनी रहती है। प्रभावित इलाके 1. संजय गांधी नगर 2. कैनाल रोड 3. हरगोबिंद नगर 4. छोटा व बड़ा सईपुर 5. अमन नगर 6. फोकल पॉइंट एक्सटेंशन



