गवर्नमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ लेदर एंड फुटवियर में युवा करेंगे मैटेरियल साइंस का नया कोर्स

भास्कर न्यूज | जालंधर सरकार के एमएसएमई टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट सेंटर और जालंधर के आबादपुरा में संचालित गवर्नमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ लेदर एंड फुटवियर टेक्नोलॉजी के बीच सोमवार को एक अहम समझौता (एग्रीमेंट) किया गया। इस प्रोजेक्ट के तहत जालंधर में करीब 10 करोड़ से वर्ल्ड-क्लास टेस्टिंग लैब, स्किल डेवलपमेंट और रिसर्च एंड डेवलपमेंट (आर एंडडी) सेंटर स्थापित किया जाएगा। इस सेंटर के निर्माण और संचालन में मेरठ स्थित एमएसएमई टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट सेंटर तकनीकी भागीदारी निभाएगा। इससे जालंधर की खेल सामान और लेदर उत्पाद बनाने वाली इंडस्ट्री को नए प्रोडक्ट विकसित करने, गुणवत्ता सुधार और रिसर्च में सीधा लाभ मिलेगा। स्थानीय होटल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा, बागबानी मंत्री मोहिंदर भगत और नीति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी की मौजूदगी में इस प्रोजेक्ट को औपचारिक रूप से लॉन्च किया गया। इस अवसर पर केंद्र व राज्य सरकार के अधिकारी और प्रमुख उद्योगपति भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने बताया कि इसी वर्ष के भीतर यह सेंटर पूरी तरह कार्य करना शुरू कर देगा, जिससे जालंधर की स्पोर्ट्स और लेदर इंडस्ट्री को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिलेगी। नए कोर्स . स्पोर्ट्स इंजीनियरिंग और मैटेरियल साइंस पर आधारित कोर्स शुरू किए जा सकेंगे। ग्लोबल स्टैंडर्ड टेस्टिंग . अब अंतरराष्ट्रीय मानकों की टेस्टिंग के लिए बाहर जाने की जरूरत नहीं, सुविधा जालंधर में ही उपलब्ध होगी। रोजगार के अवसर . इस सेक्टर से प्रत्यक्ष रूप से 1.5 लाख और अप्रत्यक्ष रूप से 3 लाख लोग जुड़े हैं, जिन्हें नई तकनीक का सीधा लाभ मिलेगा। एक्सपोर्ट में उछाल . पंजाब देश के कुल खेल उत्पादन का 65% और निर्यात का 70% योगदान देता है, नई तकनीक से निर्यात और बढ़ेगा। नए सेंटर से मिलने वाले प्रमुख लाभ उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा की 3 बड़ी बातें दुनिया के बड़े ब्रांड्स का भरोसा . एडिडास, नाइकी और प्यूमा जैसे वैश्विक ब्रांड्स जालंधर से उत्पाद मंगवाते हैं, नया सेंटर इस भरोसे को और मजबूत करेगा। 2030 का लक्ष्य . 2030 तक भारत की स्पोर्ट्स इकोनॉमी 80–90 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है, जिसमें पंजाब की भूमिका अहम होगी। स्किल वर्कफोर्स पर फोकस . सेंटर आधुनिक तकनीक, ऑटोमेशन और सस्टेनेबल मैन्युफैक्चरिंग के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार करेगा।