जगराओं मार्कफेड कार्यालय पर किसानों का धरना:बोले- यहां की बजाय दूसरे गांव भेजा यूरिया, खाली हाथ वापस नहीं लौटेंगे
- Admin Admin
- Jan 02, 2026
जगराओं में शुक्रवार को कड़ाके की ठंड के बीच मार्कफेड कार्यालय के बाहर गांव डल्ला के किसानों ने धरना प्रदर्शन किया। किसानों ने यूरिया न मिलने पर पंजाब सरकार, स्थानीय विधायक और मार्कफेड मैनेजर के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। धरने का नेतृत्व कर रहे अकाली नेता चंद सिंह डल्ला ने आरोप लगाया कि गुरुवार को गांव डल्ला के लिए यूरिया का एक ट्रक आया था। हालांकि, इसे सोसाइटी में उतारने के बजाय जानबूझकर दूसरे गांव मल्ला भेज दिया गया। जब किसानों ने इसका विरोध किया, तो मैनेजर ने तर्क दिया कि ट्रक में यूरिया 'ड्राई' नहीं थी। मल्ला गांव में यूरिया उतारते पकड़ा डल्ला ने बताया कि संदेह होने पर गांव के कुछ युवकों ने ट्रक का पीछा किया और उसे गांव मल्ला की सोसाइटी में यूरिया उतारते हुए पकड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब राजनीतिक दबाव में किया जा रहा है, क्योंकि गांव डल्ला के लोग आम आदमी पार्टी छोड़कर अकाली दल से जुड़े हैं। प्रदर्शनकारी किसानों ने स्पष्ट किया कि जब तक गांव डल्ला को यूरिया नहीं मिल जाता, तब तक उनका धरना जारी रहेगा। उन्होंने घोषणा की कि वे धरनास्थल पर ही भोजन करेंगे और खाली हाथ वापस नहीं लौटेंगे। मैनेजर ने आरोपों का खंडन किया दूसरी ओर, मार्कफेड जगराओं के मैनेजर जसवंत सिंह ने सभी आरोपों का खंडन किया। उन्होंने कहा कि ट्रक गांव डल्ला के रास्ते से ही गांव मल्ला की सोसाइटी गया था, क्योंकि उसकी डिलीवरी वहीं निर्धारित थी। मैनेजर ने दावा किया कि गांव डल्ला की सोसाइटी को डिफॉल्टर घोषित किया गया है और उस पर पहले से ही तीन ट्रकों का भुगतान बकाया है। मैनेजर जसवंत सिंह ने कहा कि यदि किसान बकाया राशि जमा कर देते हैं, तो उन्हें यूरिया लेने में कोई समस्या नहीं होगी। इस पर किसानों ने पलटवार करते हुए कहा कि यदि बकाया की बात सही थी, तो मैनेजर को उन्हें पहले ही सूचित करना चाहिए था, ताकि मौके पर ही भुगतान करके ट्रक उतरवाया जा सकता। किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि पुरानी सोसाइटी से करीब 13 लाख 90 हजार रुपए एक साल तक नहीं मांगे गए, लेकिन अब अकाली दल से लिंक रखने वाला प्रधान होने पर उनसे यूरिया के बदले नगद भुगतान की शर्त रखी जा रही है, जो सरासर भेदभाव है।



