SGPC अध्यक्ष धामी ने सरकार पर साधा निशाना:जगराओं में बोले-टकराव की राजनीति छोड़ काम पर ध्यान दें, पहले की सरकारें भी असफल रहीं

शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने पंजाब सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने जगराओं रायकोट के ऐतिहासिक गुरुद्वारा टाहलीआना साहिब में सालाना जोड़ मेले के उद्घाटन के अवसर पर कहा कि सरकार SGPC से टकराव की राजनीति कर अपनी नाकामियों को छिपाने की कोशिश कर रही है। धामी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि SGPC से टकराने से पहले सरकार को आत्मचिंतन करना चाहिए। उन्होंने चेताया कि पहले भी कई सरकारें और संगठन ऐसी कोशिशें कर चुके हैं, लेकिन हर बार उन्हें असफलता ही मिली है। सिख भावनाओं से खेलने का प्रयास- धामी 328 श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पवित्र स्वरूपों के मुद्दे पर धामी ने बताया कि इस मामले में 16 अधिकारियों को पहले ही बर्खास्त किया जा चुका है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि इस मुद्दे को बार-बार उछालना 2027 विधानसभा चुनाव से पहले जनता के सवालों से भागने का सबूत है। धामी के अनुसार, जब लोग सरकार से बेरोजगारी, नशा, कानून-व्यवस्था और विकास जैसे मुद्दों पर सवाल पूछ रहे हैं, तो सरकार SGPC के मामलों में दखल देकर पंजाब के लोगों को भटकाने और सिख भावनाओं से खेलने का प्रयास कर रही है। दखल देने से पहले इतिहास पढ़ लेना चाहिए- प्रधान ​​​​​​​ SGPC प्रधान ने दो टूक कहा कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी गुरु पातशाह के आशीर्वाद से चुनी गई एक मजबूत और स्वायत्त संस्था है, जो किसी के दबाव में नहीं झुकेगी। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि SGPC के कामकाज में दखल देने से पहले इतिहास पढ़ लेना चाहिए, क्योंकि इस रास्ते पर चलने वालों का अंजाम अच्छा नहीं रहा है। धामी ने श्री गुरु गोबिंद सिंह मार्ग पर लगे मील के पत्थरों की बदहाल स्थिति पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि सरकार की लापरवाही श्रद्धा के प्रतीकों को भी नहीं बख्श रही है। SGPC इस पूरे मामले पर जल्द ही ठोस और निर्णायक कदम उठाएगी।