लुधियाना के 395 स्कूलों ने नहीं मानें DEO के आदेश:4 जनवरी तक विभाग की वेबसाइट पर अपलोड करनी थी आरटीई की NOC

लुधियाना के प्राइवेट स्कूलों को जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) के आदेशों की परवाह नहीं है। DEO ने प्राइवेट स्कूल संचालकों को आदेश दिए थे कि चार जनवरी तक सभी राइट टू एजुकेशन एक्ट(RTE) के तहत मिली एनओसी को विभाग की वेबसाइट पर अपलोड करें। 6 जनवरी तक लुधियाना जिले में 395 प्राइवेट स्कूल संचालकों ने आरटीई के तहत मिली एनओसी को विभाग की वेबसाइट पर अपलोड नहीं किया। जिला शिक्षा अधिकारी ने एनओसी अपलोड न करने वालों की सूची जारी की और उन्हें सख्त हिदायतें दी कि सात जनवरी तक अपलोड कर दें नहीं तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। विभाग के पास नहीं है एनओसी का ऑनलाइन डेटा शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर विभाग की तरफ से प्राइवेट स्कूलों को जारी की एनओसी का कोई डेटा उपलब्ध नहीं है। एक-एक स्कूल का डेटा वेबसाइट पर अपलोड करना विभाग के लिए अपने स्तर पर संभव नहीं है। ऐसे में विभाग ने स्कूल संचालकों को अपने स्तर पर एनओसी अपलोड करने का ऑप्शन दिया। विभाग उन्हें वेरिफाई फाइनल अप्रूवल देगा। क्या है आरटीई की एनओसी प्राइवेट स्कूल खोलने या चलाने के लिए स्कूल संचालकों को शिक्षा विभाग से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट(NOC) लेनी होती है। 2009 में आरटीई एक्ट लागू होने के बाद 2011 से एनओसी जारी करने का सिस्टम शुरू किया गया। 2011 से 2023 तक विभाग हर साल स्कूल संचालकों को टेंपरेरी एनओसी जारी करता था। 2024 में स्कूल संघ पंजाब ने इस मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की और उसकी सुनवाई करते हुए कोर्ट ने प्राइवेट स्कूलों को परमानेंट एनओसी जारी करने के आदेश दिए। विभाग ने उस दौरान स्कूल संचालकों को नई एनओसी देने के बाद एक कॉमन लेटर जारी कर दिया और कहा कि जिनके पास टेंपरेरी एनओसी है उसे अब परमानेंट एनओसी समझा जाए। उसके बाद विभाग के पास कोई डेटा उपलब्ध नहीं था कि कितने स्कूल संचालकों के पास परमानेंट एनओसी हे। विभाग ने इसीलिए गुगल फार्म जारी कर स्कूल संचालकों को एनओसी की कॉपी अपलोड करने को कहा। एनओसी अपलोड नहीं की तो होगी कार्रवाई जिला शिक्षा अधिकारी का कहना स्कूल संचालकों को पर्याप्त समय दिया गया था। बड़ी संख्या में स्कूल संचालकों ने एनओसी अपलोड कर दी है लेकिन 395 स्कूलों ने एनओसी अपलोड नहीं की। उन्होंने कहा कि आज स्कूल संचालकों ने एनओसी अपलोड नहीं की तो उन्हें नोटिस जारी किए जाएंगे और उसके बाद सख्त एक्शन लिया जाएगा।