पंजाब में VB-G RAMG के फायदे गिनाने उतरी भाजपा:लुधियाना में पूर्व IAS लद्दड़ बोले-करप्शन के दरवाजे बंद किए तो बौखलाई AAP-कांग्रेस
- Admin Admin
- Jan 02, 2026
पंजाब सरकार ने मनरेगा में बदलाव के खिलाफ विधानसभा में प्रस्ताव पास कर दिया। AAP और कांग्रेस इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरने के लिए अलग-अलग जिलों में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रही है। वहीं अब भाजपा मनरेगा की जगह नए कानून VB-G RAM G के फायदे गिनाने के लिए फील्ड में उतर गई। लुधियाना भाजपा कार्यालय में पंजाब भाजपा एससी सेल के कंवीनर व पूर्व IAS अधिकारी एसआर लद्दड़ ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और VB-G RAM G के फायदे गिनाए। उन्होंने कहा कि AAP और कांग्रेस इसलिए इस बदलाव का विरोध कर रहे, क्योंकि केंद्र सरकार ने उनके भ्रष्टाचार के रास्ते बंद कर दिए। लद्दड़ ने कहा कि कांग्रेस व AAP के नेता इसी बात से बौखलाए हुए हैं। पंजाब भर में लोगों को बताएगी भाजपा एसआर लद्दड़ ने कहा कि आप और कांग्रेस नई योजना पर भ्रम फैलाकर लोगों को बहकाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के नेता अब एक एक शहर व गांवों में जाकर लोगों को नए कानून के फायदे गिनाएंगे। उन्होंने कहा कि लोगों को काम दिलाने की जिम्मेदारी राज्य सरकार की है और केंद्र सरकार उसके लिए फंड जारी करती है। AAP ने किया संसद का अपमान लद्दड़ ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार को संवैधानिक व असंवैधानिक विषयों के बारे में भी पता नहीं है। उन्होंने कहा कि जो कानून देश की संसद ने पास कर दिया है, उसे लागू करना राज्य सरकारों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि विधानसभा में प्रस्ताव पास करके AAP सरकार ने संसद का भी अपमान किया है। लद्दड़ ने कहा कि मनरेगा में किया गया यह बदलाव गरीबों के हक में है। राज्य सरकार इसे लागू नहीं करना चाहती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का शेयर 40 प्रतिशत इसलिए किया गया है ताकि राज्य सरकार इस फंड से होने वाले कार्यों की सही तरीके से मॉनिटरिंग करे। हर काम की होगी जियो टैगिंग एसआर लद्दड़ ने कहा कि राज्य सरकार जो काम मशीनों से करवाती थी वो भी उन्होंने मनरेगा मजदूरों के नाम पर डाल दिए और उसका फंड ले लिया। राज्य सरकार ने 13500 पंचायतों में से सिर्फ 5000 पंचायतों का सोशल ऑडिट करवाया है। इसीलिए सरकार ने अब हर काम की जियो टैगिंग करने का प्रावधान रखा है। उन्होंने बताया कि जहां पर काम होगा, वहां की लोकेशन अपलोड की जाएगी। उससे केंद्र सरकार को पता चल जाएगा कि यह काम इस योजना के तहत है या नहीं। अगर नहीं होगा तो उसे रोक दिया जाएगा। इससे करप्शन के दरवाजे पूरी तरह से बंद हो जाएंगे। योजना के तहत काम करने वालों की इलेक्ट्रॉनिक हाजिरी लगेगी। इससे जो काम करेंगे उनको ही पैसा मिलेगा। केंद्र ने नहीं घटाया बजट लद्दड़ ने कहा कि केंद्र ने इस योजना के लिए अपने हिस्से का बजट कम नहीं किया है। उन्होंने कहा कि अगले वित्तीय वर्ष के लिए केंद्र ने 1.51 लाख करोड़ रुपए का बजट रखा है। इसमें 40 प्रतिशत बजट राज्य सरकार को रखना है। इस तरह यह बजट दो लाख करोड़ से ऊपर हो जाएगा। उनका कहना है कि लाभार्थियों को ज्यादा पैसा मिलेगा।



