लुधियाना में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर पर FIR:चाय वाले का आरोप-10 हजार ब्लेकमेलिंग के लिए, नशा बेचने का कहकर डराया
- Admin Admin
- Jan 07, 2026
पंजाब के लुधियाना में एक फेसबुक इन्फ्लुएंसर पर पुलिस ने FIR दर्ज की है। इन्फ्लुएंसर पर आरोप है कि उसने एक दुकानदार को धमकाकर उससे पैसे लिए है। इस मामले को लेकर थाना डिवीजन नंबर 7 की पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी के खिलाफ जांच भी शुरू कर दी है। उसका पिछला रिकार्ड भी खंगाला जा रहा है। 10 हजार रुपए लेकर वीडियो डिलीट करने का कहा शिकायतकर्ता संजय शर्मा ने पुलिस को बताया कि उसकी दुकान पर एक विशाल कपूर आया। उसने खुद को पत्रकार बताया। उसकी दुकान पर बैठा एक नशेड़ी व्यक्ति उसे देखकर भागने लगा। विशाल उस व्यक्ति को पकड़ कर मेरी दुकान पर ले आया। उस व्यक्ति की वह वीडियो बनाने लगा। उस व्यक्ति ने वीडियो में कहा कि मैं इस चाय वाले से नशा खरीदता हूं। विशाल कपूर मुझे वह वीडियो दिखाकर डराने लगा। मुझ पर नशा बेचने का झूठा आरोप लगाया। वह मेरे से 10 हजार रुपए लेकर वीडियो डिलीट करने का कहकर चला गया। मच्छली वाले से लिए 12.400 रुपए फिर बिहारी कालोनी में मच्छली बेचने वाले रामधारी साहनी को डराकर 12,,400 रुपए उसने लिए। अब तीन बाद बाद विशाल ने सोशल मीडिया पर मेरी दुकान की वीडियो वायरल कर दी। फिर 6 जनवरी को मुझे धमकी दी तो तुझे उठवा दूंगा। 6 जनवरी को फिर से धमकाया शर्मा ने कहा कि कपूर ने बाद में वीडियो को सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। उन्होंने कहा कि 6 जनवरी 2026 को कपूर ने उन्हें फिर से धमकी दी कि वह उन्हें अगवा कर लेंगे। विशाल से तंग परेशान होकर उसे पुलिस के पास मामला दर्ज करवाया। पुलिस ने कहा कि वे मामले की जांच कर रहे हैं। संजय शर्मा ने कहा कि विशाल कपूर ने उसी दिन बिहारी कॉलोनी में रामधारी साहनी नामक एक अन्य व्यक्ति से भी 12,400 रुपए लिए। साहनी मछली का कारोबार करते हैं। पुलिस ने विशाल कपूर को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले सोमवार रात को चाय वाले की दुकान के बाहर काफी हंगामा भी हुआ था। विशाल कपूर ने अपने पर लगे आरोपों को झूठा बताया था। पुलिस बोली-जांच जारी है डिवीजन नंबर 7 के पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है। यह भी जांच की जा रही है कि उसने पहले भी किसी अन्य व्यक्ति को इसी तरह वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया है या नहीं। पुलिस आरोपी के मोबाइल फोन की भी जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने कितने लोगों की वीडियो बनाई हैं और उनका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया। पुलिस अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि अगर कोई व्यक्ति इस तरह की ब्लैकमेलिंग या अवैध वसूली का शिकार होता है, तो वह डरने की बजाय तुरंत पुलिस को सूचित करे।



