जीरकपुर में रैन बसेरा बंद, खुले में सो रहे बेघर:कड़ाके की ठंड में प्रशासन लापरवाह; सुरक्षित आश्रय की मांग
- Admin Admin
- Jan 06, 2026
पंजाब के मोहाली जिले के जीरकपुर में कड़ाके की ठंड के बीच प्रशासन की लापरवाही सामने आई है। शहर में बेघर और जरूरतमंदों के लिए बनाए गए रैन बसेरे बंद पड़े हैं, जबकि दर्जनों लोग खुले आसमान के नीचे रात गुजारने को मजबूर हैं। नगर परिषद का रैन बसेरा रात के समय बंद रहता है, जब इसकी सबसे अधिक आवश्यकता होती है। झोपड़ी बनाकर रहने को मजबूर रात का तापमान गिरने पर शहर के फ्लाई ओवरों के नीचे प्रवासी परिवारों की स्थिति गंभीर हो जाती है। इनमें छोटे बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग शामिल हैं, जो ठंड से बचने के लिए फटे पुराने कपड़ों, तिरपालों और प्लास्टिक की चादरों से अस्थायी झोपड़ी बनाकर रह रहे हैं। तेज हवाएं इन झोपड़ियों के भीतर तक ठंड पहुंचा देती हैं, जिससे बच्चों को रातभर परेशानी होती है। प्रशासन ने सूचना बोर्ड भी नहीं लगाए इन जरूरतमंदों को यह जानकारी भी नहीं है कि शहर में उनके लिए सरकारी रैन बसेरे की व्यवस्था है। प्रशासन की ओर से न तो कोई सूचना बोर्ड लगाए गए हैं और न ही ऐसे लोगों को रैन बसेरों तक पहुंचाने के लिए कोई टीम तैनात की गई है। प्रवासी मजदूरों ने बताया कि वे रोजी-रोटी की तलाश में दूसरे राज्यों से आए हैं और सड़क किनारे रहने को विवश हैं। सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराने की मांग स्थानीय लोगों का आरोप है कि अधिकारी बंद कमरों में बैठकर व्यवस्थाओं का दावा कर रहे हैं, जबकि रैन बसेरा रात 9 बजे के बाद भी नहीं खुलता। शहरवासियों ने प्रशासन से इन बेघर लोगों को समय रहते सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराने की मांग की है।



