पटियाला में बिजली अधिनियम संशोधन को लेकर धरना:बोले-यह कर्मचारियों के हितों के खिलाफ, 16 जनवरी को डीसी दफ्तर पर करेंगे प्रदर्शन

पटियाला में बिजली बोर्ड के हेड ऑफिस के सामने बड़े पैमाने पर कर्मचारियों ने धरना-प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन केंद्र सरकार द्वारा बिजली अधिनियम 1925 में किए जा रहे संशोधनों और सरकारी जमीनों को बेचने की तैयारी के खिलाफ है। प्रदर्शनकारी इन संशोधनों को मजदूर और कर्मचारियों के हितों के खिलाफ बता रहे हैं। इसके अतिरिक्त, केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना का नाम बदलकर 'जी राम जी' किए जाने और इसमें 100 दिन की रोजगार गारंटी खत्म करने का भी विरोध किया जा रहा है। 16 जनवरी को सभी डीसी कार्यालयों पर प्रदर्शन टेक्निकल सर्विस यूनियन पंजाब प्रधान रतन सिंह मजारी ने कहा कि मनरेगा में किए गए इन बदलावों से राज्य सरकारों पर वित्तीय बोझ बढ़ेगा, जबकि उन पर पहले से ही काफी दबाव है। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि इन मुद्दों को लेकर मैनेजमेंट के साथ कई बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल पाया है। आंदोलनकारियों ने अपनी रणनीति की घोषणा करते हुए बताया कि आगामी 16 जनवरी को सभी डीसी कार्यालयों के बाहर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद, 21 तारीख को हेड ऑफिस के बाहर एक विशाल रोष रैली निकाली जाएगी। मनरेगा स्कीम में बदलाव का विरोध उन्होंने कहा कि सरकार ने मनरेगा स्कीम का नाम बदलकर जी राम जी किया गया है, यह भी मजदूरों के खिलाफ है। केंद्र सरकार ने मनरेगा स्कीम में जो 100 दिन की गारंटी थी, वह भी खत्म कर दी गई है। इससे स्टेट सरकारों पर बोझ पड़ेगा, जो की स्टेट सरकारों पर पहले ही बहुत ज्यादा बोझ है। आने वाली 16 जनवरी को सभी डीसी दफ्तरों के बाहर धरना प्रदर्शन किया जाएगा और 21 जनवरी को हेड ऑफिस के बाहर विशाल रोष रैली निकाली जाएगी