मिड-डे मील वर्करों ने रोपड़ में मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ की नारेबाजी

भास्कर न्यूज| रोपड़ मिड-डे-मील वर्कर यूनियन ने सोमवार को अपनी मांगों को लेकर महाराजा रणजीत सिंह बाग में धरना देकर राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस उपरांत रोष मार्च करते हुए विधायक दिनेश चड्डा को मांगपत्र सौंपा। यूनियन की अध्यक्ष बिमला देवी ने बताया कि उनकी मांगों में मिड-डे-मील वर्करों को पक्का करना और पक्का नहीं करने तक 3000 रुपए से बढ़ाकर 18000 रुपए वेतन दिया जाए। इसके साथ ही मिड-डे-मील वर्करों को गर्मी और सर्दी के मौसम में वर्दी दी जाए और वर्करों को पहचान पत्र दिया जाएं। उन्होंने कहा कि मिड-डे-मील वर्करों की जीपीएफ और सीपीएफ काटना शुरू किया जाए और केनरा बैंक में मिड- डे- मील कुक वर्करों के खुले खातों में मुफ्त जीवन बीमा और सेहत बीमा किया जाए। इसके अलावा मिड-डे मील कुक वर्करों को सेहत संबंधी समस्या आती है तो उनको मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार छुट्टी दी जाए। हर स्कूल में 50 बच्चों के लिए 2 वर्कर व 100 बच्चों के लिए 4 वर्कर दिए जाएं। मिड-डे मील कुक वर्करों को पार्ट टाइम ना बताया जाए क्योंकि वर्कर पूरा टाइम स्कूल में काम करते हैं। उन्होंने कहा कि मिड-डे मील वर्कर खाना पकाने, बर्तन धोने, किचन और बच्चों के बैठने वाली जगह की सफाई करते हैं। इसके साथ अगर काम के दौरान मिड-डे-मील वर्कर का कोई हादसा हो जाता है या उसकी मौत हो जाती है तो उसकी नौकरी उसके परिवार मेंबर को दी जाए। वहीं, अगर भविष्य में लोक सभा, विधानसभा, म्युनिसिपल, पंचायती चुनावों में मिड-डे-मील के कुक वर्करों के लिए खाना बनाने के लिए ड्यूटी लगती है तो बाकी अन्य चुनाव अमले की तरह मानभत्ता सीधा उनके बैंक खातों में भेजा जाए। मिड डे मील कुक वर्करों से मिड डे मील बनाने के अलावा जबर्दस्ती काम लेना बंद किया जाए। अगर उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो संघर्ष तेज किया जाएगा। इस अवसर पर कमलजीत कौर, प्रवीन बाला और सचिव कमलेश कौर मौजूद थे।