जलमहल से हवामहल तक रंग-बिरंगी पतंगों और रोशनी से सजेगा गुलाबी शहर
- Admin Admin
- Jan 12, 2026
जयपुर, 12 जनवरी (हि.स.)। राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा और पर्यटन पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सशक्त बनाने वाला काइट फेस्टिवल-2026 इस वर्ष भी भव्य एवं आकर्षक स्वरूप में आयोजित होगा।
पर्यटन आयुक्त रूकमणी रियाड़ ने बताया कि इस अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एवं उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी कार्यक्रम में सहभागिता करेंगी।
पर्यटन आयुक्त ने बताया कि पिछले दो दशकों से निरंतर आयोजित हो रहा काइट फेस्टिवल अब केवल पारंपरिक उत्सव नहीं रह गया है, बल्कि यह राजस्थान के इवेंट-बेस्ड टूरिज़्म का एक सशक्त और विश्वसनीय ब्रांड बन चुका है, जिसने देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित किया है।
पर्यटन विभाग के उपनिदेशक उपेंद्र सिंह शेखावत के अनुसार काइट फेस्टिवल का एक दिवसीय मुख्य आयोजन 14 जनवरी को सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक जलमहल की पाल आमेर रोड पर आयोजित किया जाएगा। ऐतिहासिक जलमहल, शांत झील और खुले आसमान के बीच रंग-बिरंगी पतंगों की उड़ान पर्यटकों एवं शहरवासियों के लिए अविस्मरणीय अनुभव प्रदान करेगी।
कार्यक्रम के दौरान लोक कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, पतंगों की आकर्षक प्रदर्शनी, पतंग निर्माण का लाइव प्रदर्शन तथा फैंसी पतंग उड़ाने का विशेष डेमोंस्ट्रेशन आयोजित किया जाएगा। पर्यटकों के लिए पारंपरिक व्यंजनों का निःशुल्क वितरण, विदेशी सैलानियों को निःशुल्क पतंगें तथा निःशुल्क ऊँटगाड़ी सवारी जैसी विशेष सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
शेखावत ने बताया कि दिनभर के सांस्कृतिक आयोजनों के पश्चात शाम 6.30 बजे से कार्यक्रम का दूसरा चरण प्रारंभ होगा। इस दौरान लालटेन उत्सव आयोजित किया जाएगा, जिसमें आकाश में लालटेन उड़ाई जाएंगी। इसके बाद हवामहल की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि में भव्य आतिशबाज़ी का आयोजन होगा, जो गुलाबी शहर के आसमान को रोशनी और रंगों से सजा देगी और उत्सव को यादगार समापन प्रदान करेगी।
उन्होंने कहा कि काइट फेस्टिवल-2026 यह संदेश देता है कि राजस्थान केवल देखने की जगह नहीं, बल्कि दिन से रात तक जीने और महसूस करने वाला अनुभव है, जहां दिन में आसमान पतंगों से संवाद करता है और रात में ऐतिहासिक धरोहरें रोशनी में नहाकर उत्सव की साक्षी बनती हैं।
गौरतलब है कि काइट फेस्टिवल वर्षों से शहरवासियों, देशी पर्यटकों और विदेशी सैलानियों के बीच अत्यंत लोकप्रिय रहा है। हर वर्ष बड़ी संख्या में पर्यटक इस उत्सव के माध्यम से राजस्थान की जीवंत संस्कृति, लोक कला और अतिथि-सत्कार परंपरा का अनुभव करते हैं। यह आयोजन राजस्थान पर्यटन विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा किया जा रहा है, जिसमें जिला प्रशासन जयपुर, जयपुर नगर निगम एवं पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग का सहयोग प्राप्त है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित



