नौकरी दिलाने के बहाने लूट की वारदात करने वाली गैंग का मुख्य सरगना पांच साथियों सहित गिरफ्तार
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- Jan 02, 2026
जयपुर, 2 जनवरी (हि.स.)। ब्रह्मपुरी थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नौकरी दिलाने के बहाने युवक को बुलाकर लूट की वारदात को अंजाम देने वाली एक शातिर गैंग के मुख्य सरगना उदय मेहरा सहित छह आरोपिताें को गिरफ्तार किया है। पुलिस गिरफ्तार आरोपिताें को ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र में जुलूस निकालकर पेश किया गया। पुलिस ने आरोपिताें के कब्जे से लूट की पूरी राशि एक लाख रुपये और पीड़ित का मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है।
पुलिस उपायुक्त जयपुर उत्तर करण शर्मा ने बताया कि ब्रह्मपुरी थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नौकरी दिलाने के बहाने युवक को बुलाकर लूट की वारदात को अंजाम देने वाली एक शातिर गैंग के मुख्य सरगना उदय मेहरा (21) निवासी करधनी, आनन्द नागर (19) निवासी ब्रह्मपुरी, वंश भटनागर (20) निवासी ब्रह्मपुरी, समीर सक्सेना उर्फ चिनु सक्सेना (21) निवासी ब्रह्मपुरी और करण सिंह सोलंकी (25) निवासी ब्रह्मपुरी,तनिष्क सैन(20)निवासी ब्रह्मपुरी को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि गैंग का मुख्य सरगना उदय मेहरा था, जिसने पीड़ित को नौकरी का झांसा देकर जयपुर बुलाया। प्लानिंग के अनुसार जलमहल की पाल पर सुनसान इलाके जगह ले गया, जहां अन्य साथी पहले से मौजूद थे। सभी ने मिलकर मारपीट कर डराया और यूपीआई के जरिए खाते से रुपए ट्रांसफर करवा लिए और मोबाइल लूट लिया। फिलहाल आरोपिताें से गहन पूछताछ जारी है और अन्य आपराधिक वारदातों में उनकी संलिप्तता को लेकर भी जांच की जा रही है।
थानाधिकारी राजेश गौतम ने बताया कि एक जनवरी को पीड़ित परमेश ने थाने में मामला दर्ज करवाया था कि करीब एक माह पहले उसने उदय मेहरा से जयपुर में काम दिलवाने के लिए संपर्क किया था। आरोपित ने उसे नौकरी दिलाने का भरोसा देकर जयपुर बुला लिया। पीड़ित के अनुसार वह जयपुर आकर ठहरा हुआ था। 30 दिसंबर 2025 को शाम करीब 8 बजे उदय मेहरा उसे काम दिलवाने के बहाने जलमहल की पाल पर ले गया। वहां पहले से मौजूद उसके अन्य साथी भी आ गए। सभी मिलकर पीड़ित को जंगल की ओर ले गए। मारपीट की और डरा-धमकाकर रुपयों की मांग की। भय के कारण पीड़ित ने पिता से अपने खाते में एक लाख रुपये डलवाए, जिसे आरोपितों ने उसके मोबाइल फोन से यूपीआई के माध्यम से ट्रांसफर कर लिया। मोबाइल फोन भी छीन लिया। वहीं मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी सहायता और मुखबिर तंत्र के माध्यम से आरोपितों की गतिविधियों का रूट चार्ट तैयार किया और लगातार पीछा करते हुए सभी आरोपितों को डिटेन कर गिरफ्तार किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश



