नरेला एजुकेशन सिटी की दिशा में लिया गया बड़ा निर्णय : सूद

नई दिल्ली, 10 जनवरी (हि.स.)। दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने शनिवार को अपने आवास पर प्रेस वार्ता में बताया कि दिल्ली सरकार ने आज शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक और दूरगामी प्रभाव डालने वाला कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार नरेला एजुकेशन सिटी को वर्ल्ड क्लास एजुकेशन सिटी बनाने जा रही है। इसी कड़ी में आज उपराज्यपाल की उपस्थिति में लोक निवास में दिल्ली टीचर्स यूनिवर्सिटी और गुरु गोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय को नरेला एजुकेशन सिटी में लगभग 12.69 एकड़ और 22.43 एकड़ भूमि के पोजेशन लेटर सौंपे गए। इससे एजुकेशन सिटी परियोजना को ठोस गति मिलेगी।

सूद ने यह भी बताया कि इससे पूर्व आईजीडीटीयू को 50 एकड़ भूमि का पोजेशन लेटर दिया जा चुका है। इस प्रकार नरेला में लगभग 160 एकड़ भूमि पर एक वर्ल्ड-क्लास एजुकेशन और इनोवेशन हब विकसित करने की दिशा में दिल्ली सरकार तेजी से आगे बढ़ रही है।

शिक्षा मंत्री ने आगे बताया कि दिल्ली सरकार ने इन भूमि आवंटनों के लिए डीडीए को भुगतान की प्रक्रिया भी तेज़ी से पूरी की है। पहले जहां इस परियोजना के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था, वहीं आवश्यकता को देखते हुए हालिया बजट में इसे बढ़ाकर 1300 करोड़ रुपये कर दिया गया है। दिल्ली सरकार द्वारा अब तक लगभग 462 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है और शेष राशि का भुगतान भी इसी वित्तीय वर्ष में पूरा कर दिया जाएगा।

सूद ने आगे कहा की नरेला एजुकेशन सिटी में केवल इमारतें नहीं होगी, बल्कि यह ग्लोबल बेस्ट प्रैक्टिस पर आधारित एक साझा (शेयरड) कैंपस मॉडल होगा, जिसमें आधुनिक लाइब्रेरी, अत्याधुनिक लैब्स, सेमिनार हॉल, ऑडिटोरियम और रिसर्च व इनोवेशन सुविधाएं विकसित की जाएंगी, ताकि संसाधनों का सर्वोत्तम उपयोग हो और अधिक से अधिक छात्रों को इन सुविधाओं का सीधा लाभ मिल सके।

इसके साथ ही नरेला में बनाए जा रहे विश्वविद्यालय परिसरों में फैकल्टी और स्टाफ के लिए एलआईजी, एमआईजी, एचआईजी और ईडब्लूएस के फ्लैट के रूप में आवासीय सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। विभिन्न विश्वविद्यालयों द्वारा फ्लैट्स, हॉस्टल और अन्य सुविधाओं के निर्माण पर लगभग 567 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। इन सभी कार्यों के लिए दिल्ली सरकार द्वारा वैज्ञानिक अध्ययन और अंतरराष्ट्रीय स्तर के कंसल्टेंट्स की मदद ली जा रही है। उन्होंने यह भी कहा की नरेला एक रणनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण क्षेत्र है रिठाला–नरेला मेट्रो कॉरिडोर का कार्य प्रगति पर है जिससे नरेला की कनेक्टिविटी बढ़ेगी और आस पास के क्षेत्र के विकास को नया आयाम मिलेगा। इन विश्वविद्यालयों के स्थापित होने से क्षेत्र में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के बड़े अवसर भी सृजित होंगे। चाहे वह शिक्षकों की भर्ती हो, नॉन-टीचिंग स्टाफ हो, हॉस्टल सेवाएं हों या अन्य सहायक उद्योग।

शिक्षा मंत्री ने यह भी कहा की केवल 11 महीनों के छोटे से कार्यकाल में दिल्ली सरकार ने स्कूल शिक्षा के साथ-साथ उच्च और तकनीकी शिक्षा में भी क्रांतिकारी परिवर्तन की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। यह परिवर्तन केवल विज्ञापन तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीन पर दिखाई देने वाला वास्तविक बदलाव है। उन्होंने आगे बताया की 9 जनवरी को दिल्ली में स्टार्टअप युवा फेस्टिवल का आयोजन भी प्रारंभ हो चुका है, जिसमें 750 से अधिक स्टार्टअप्स ने भाग लिया है। 14 तारीख को मुख्यमंत्री और वरिष्ठ उद्योग विशेषज्ञों के साथ संवाद का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है। अमृत काल में अमृत पीढ़ी के लिए मजबूत, आधुनिक और भविष्य उन्मुख शिक्षा व्यवस्था तैयार करने की दिशा में यह कदम दिल्ली सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव