एमडीएस यूनिवर्सिटी व आयुर्वेद विश्वविद्यालय के बीच एमओयू

फैकल्टी डेवलपमेंट, शोध सहयोग एवं एनईपी-2020 के क्रियान्वयन को मिलेगी नई दिशा

जोधपुर, 07 जनवरी (हि.स.)। यूजीसी-मालवीय मिशन टीचर ट्रेनिंग सेंटर (एमएमटीटीसी), महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय अजमेर एवं डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय जोधपुर द्वारा महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर संयुक्त हस्ताक्षर किए गए।

एमडीएस विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर सुरेश कुमार अग्रवाल एवं आयुर्वेद विश्वविद्यालय जोधपुर के कुलगुरु प्रोफेसर गोविंद सहाय शुक्ल ने पारस्परिक सहमति से इस एमओयू को औपचारिक रूप दिया।

एमओयू का उद्देश्य उच्च शिक्षा व आयुष क्षेत्र में शैक्षणिक सहयोग, फैकल्टी डेवलपमेंट, शोध उन्मुख गतिविधियां, नवाचार, भारतीय ज्ञान परंपरा तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) के प्रभावी क्रियान्वयन को बढ़ावा देना है। समझौते के तहत दोनों विश्वविद्यालय मिलकर ओरिएंटेशन प्रोग्राम, रिफ्रेशर कोर्स, इंडक्शन प्रोग्राम, फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम, कार्यशालाएं, सेमिनार, कॉन्फ्रेंस और वेबिनार आयोजित करेंगे। एमओयू के अंतर्गत लर्नर-सेंट्रिक टीचिंग, ब्लेंडेड एवं डिजिटल लर्निंग, मूल्य आधारित शिक्षा, शोध पद्धति, प्रकाशन नैतिकता, बौद्धिक संपदा अधिकार , नवाचार-स्टार्टअप्स, नेतृत्व एवं शैक्षणिक प्रशाशनिक दक्षता एवं व्यक्तित्व विकास कार्यक्रम शामिल हैं। एमओयू के अनुसार संयुक्त कार्यक्रमों से संबंधित वित्तीय व्यवस्थाएं आपसी सहमति से तय की जाएगी तथा आवश्यकता पडऩे पर इस समझौते को विस्तारित या संशोधित किया जा सकेगा।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुल सचिव अखिलेश कुमार पीपल, वित्त नियंत्रक अतुल बल रतनू, प्राचार्य प्रोफेसर चंदन सिंह, डीन फैकल्टी आयुर्वेद प्रोफेसर महेंद्र कुमार शर्मा, होम्योपैथी महाविद्यालय प्राचार्य प्रोफेसर गौरव नागर, योग नेचुरोपैथी महाविद्यालय प्राचार्य डॉ चंद्रभान शर्मा, परीक्षा नियंत्रक डॉ राजाराम अग्रवाल, डीन रिसर्च प्रोफेसर देवेंद्र सिंह चाहर, उपकुलसचिव डॉ मनोज कुमार अदलखा, स्नातकोत्तर क्रिया शारीर विभाग के विभाग अध्यक्ष प्रोफेसर दिनेश चंद्र शर्मा, बाल रोग विभाग के विभाग अध्यक्ष प्रोफेसर हरीश कुमार सिंघल, सहित संकाय सदस्य उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश